अपने सुप्रीमो की लाख नसीहतों के बाद भी सपाइयों की गुंडई थमने का नाम नहीं ले रही है। फैजाबाद में टोल टैक्स कर्मियों पर हमले का मामला अभी शांत भी नहीं हुआ था कि रविवार को बाराबंकी में मामूली विवाद में सपाइयों ने एक सिपाही को भरे बाजार धुन दिया।
जान बचाने के लिए भागकर पुलिस बूथ में घुसे सिपाही को हमलावरों ने बूथ के अंदर घुसकर भी पीटा। इस दौरान वहां मौजूद पुलिसकर्मी तमाशबीन बने रहे। मौके पर पहुंचे एक होमगार्ड ने हमलावरों पर जब रायफल तानी तब जाकर वे भागे व सिपाही की जान बच सकी।
हंगामे के बीच कोतवाली पहुंचे दोनों पक्षों के बीच कोतवाल ने समझौता करा दिया। हमलावर सपाई सदर विधायक के खास बताए जा रहे हैं।
लखनऊ में सिपाही को धुन डाला
लखनऊ में पुलिस विभाग में सिपाही के पद पर तैनात व शहर कोतवाली क्षेत्र के लखपेड़ाबाग निवासी गौरव श्रीवास्तव अपने साथी रोहित के साथ रविवार की दोपहर करीब 12 बजे नाका सतरिख चौराहे पर गए थे। तभी वहां बीच रास्ते में बाइक से खडे़ सपा कार्यकर्ता वक्षराज सिंह यादव से सिपाही ने रास्ते से बाइक हटाने को कहा।
इसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने लगा। विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों के बीच मारपीट हो गई। इसके बाद वक्षराज सिंह ने फोन कर अपने भाई व अन्य साथियों को बुला लिया। वक्षराज का भाई धरम यादव सपा से सदर विधायक का खास बताया जा रहा है। मारपीट की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे धरम यादव व अन्य साथियों ने सिपाही पर हमला बोल दिया और उसे दौड़ा-दौड़ाकर पीटा।
सिपाही जान बचाने के लिए भागकर ट्रैफिक पुलिस के बूथ में घुस गया तो हमलावरों ने पुलिस बूथ के भीतर घुसकर उसकी जमकर पिटाई की। इस दौरान वहां पहुंचे पिकेट ड्यूटी में तैनात एक होमगार्ड ने हमलावरों पर रायफल तानते हुए गोली मारने की धमकी दी जिसके बाद वे सभी मौके से भाग खड़े हुए।
टोल प्लाजा पर मचाया हुड़दंग
शनिवार को बारा टोल प्लाजा पर सपाइयों की दबंगई के खिलाफ रविवार को टोल प्लाजा के जनरल मैनेजर ने सपा नेता समेत 12 के खिलाफ अकबरपुर कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई। इस मामले में गिरफ्तारी भी हुई है, लेकिन सपा कार्यकर्ताओं काबू से बाहर हैं, इसका सबूत सामने है।
टोल कर्मचारियों ने टैक्स अदा न करने पर सपा नेता की गाड़ी को आगे जाने से रोका था। इसी बात को लेकर सपा नेता और उनके समर्थकों ने प्लाजा कर्मियों को जमकर पीट दिया। जिसमें टीसी विमलेश और शिफ्ट इंचार्ज संदेश कुमार सिंह घायल हो गए। इस बारे में आरोपी सपा नेता का कहना है कि टोल कर्मचारी ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। विरोध किया तो उन लोगों से हाथापाई की गई।
वाकया शनिवार सुबह का है। करीब 11: 25 बजे समाज कल्याण विभाग के सलाहकार मैमुल हसन के स्वागत में सपा के दो कद्दावर नेता लगे थे। जिले के रायपुर कसबे से नेता को मुख्यालय लाया जा रहा था।
सख्त कार्रवाई का आश्वासन
गाड़ी जब टोल प्लाजा पहुंची तो सपा नेता ने राज्यमंत्री दर्जा प्राप्त नेता की गाड़ी होने की बात कहकर बैरियर खोलने कहा। बूथ नंबर नौ पर टीसी विमलेश ने बैरियर नहीं खोला। जनरल मैनेजर रघुनाथ सिंह यादव का आरोप है कि सपा लोहिया वाहिनी के जिला मंत्री नेता सुरेश सिंह यादव गाड़ी से नीचे उतरे।
इसके साथ ही उनके साथियों ने बैरियर संख्या नौ और 10 पर टोल कर्मियों से मारपीट शुरू कर दी। सूचना मिलते ही टोल प्लाजा के अधिकारी मौके पर आ गए। कोतवाली प्रभारी ने बताया कि टोल प्लाजा के रघुनाथ सिंह यादव की तहरीर पर मामले की रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस अधीक्षक कृपाशंकर सिंह का कहना था कि दोषियों को छोड़ा नहीं जाएगा।
लेकिन सपा सफाई देने लगी। सुरेश सिंह यादव (जिला मंत्री, सपा लोहिया वाहिनी) ने कहा कि बूथ पर युवक से बूथ खोलने को कहा तो वायरलेस लेकर एक अन्य कर्मी आ गया। वह अभद्र भाषा का प्रयोग कर रहा था। गाड़ी में मौजूद कुछ लोगों ने विरोध किया तो टोल कर्मियों ने हाथापाई कर दी, जिससे मारपीट हुई।
नेताजी की बात का कोई असर नहीं
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव प्रो. रामगोपाल यादव ने भी मंच से तेवर दिखाए। पार्टी की बदनामी का कारण बन रहे कार्यकर्ताओं और नेताओं पर गुस्सा जाहिर करते हुए कि सत्ता के नशे में चूर मत हो। गरीबों की जमीन, उनके मकान कब्जाने बंद कर दो।
सड़कों पर गुंडई करने वालों की समाजवादी पार्टी में कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पार्टी के मुखिया ने गुंडों पर कार्रवाई करना शुरू भी कर दिया है। कुछेक जिलों में इसके उदाहरण सामने आ रहे होंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर इशारा कर कहा कि जब तक गुंडई बंद नहीं होगी तब तक प्रदेश का कितना भी विकास करा लिया जाए, अगली सरकार बनाना मुश्किल होगा।
उन्होंने मुख्यमंत्री से अनुरोध करते हुए कहाकि जिस तरह से गुंडों और माफिया के खिलाफ लखनऊ में कार्रवाई की गई है, उसी तरह से प्रदेश के हर जिले में कार्रवाई सुनिश्चित करें ताकि पब्लिक को राहत मिल सके। जो अफसर नेता के भय से गुंडों पर, जमीन कब्जाने वालों पर कार्रवाई नहीं कर रहे, उन्हें जिले में रहने का कोई हक नहीं।
सपा महासचिव के सामने महाभारत
सपा मुखिया मुलायम सिंह अन्य पार्टियों का हवाला देकर कार्यकर्ताओं को अनुशासन में रहने और गुंडागर्दी न करने का पाठ पढ़ा रहे हैं, लेकिन उनके ही ‘सिपाही’ अनुशासन को तार-तार करने में जुटे हैं। मासिक बैठक के दौरान विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी और पार्षद के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई हो गई।
दोनों के समर्थक आमने-सामने आ गए। यह सब प्रदेश महासचिव और कैबिनेट मंत्री की मौजूदगी में हुआ। हालांकि बाद में शहर अध्यक्ष और प्रदेश महासचिव ने किसी तरह मामला शांत करा दिया।
आगरा उत्तर विधानसभा सीट से चुनाव लड़ चुके अभिनव शर्मा ने बसपा के कार्यकर्ताओं की सपा में घुसपैठ का विरोध जताया। इस दौरान एक कार्यकर्ता ने उनकी बात काटने कोशिश की। इस पर उन्होंने अपने प्रोटोकाल का हवाला देकर कार्यकर्ता को शांत करा दिया और आपस में बातचीत कर रहे कार्यकर्ताओं को खरीखोटी सुना दी।
सपा विधायक के घर मिली अगवा छात्रा
सिकंदरा से सवा माह पहले अगवा की गई छात्रा को पुलिस ने शिकोहाबाद में सपा विधायक हरिओम यादव के आवास से बरामद किया। पुलिस को उसने बयान दिया कि उसे विधायक के घर में बंधक बनाकर रखा गया था। परिवारीजनों ने विधायक पर आरोपियों को संरक्षण देने और छात्रा को बंधक बनाकर रखने के आरोप लगाए हैं।
सिकंदरा पुलिस ने छात्रा को महिला थाने भेज दिया है। अब उसके बयान कोर्ट में कराए जाएंगे। मूलरूप से बाह के रहने वाले एक परिवार का पड़ोसी युवक से झगड़ा हो गया था। इसी परिवार की 14 वर्षीय किशोरी नौवीं की छात्रा है। वह सिकंदरा स्थित केके नगर में अपने चाचा के यहां आई हुई थी। 13 नवंबर को युवक अपने साथियों के साथ छात्रा को अगवा कर ले गया।
इसकी रिपोर्ट थाना सिकंदरा में युवक और उसके परिवारीजनों के खिलाफ दर्ज कराई गई। परिवारीजन तभी से छात्रा की तलाश कर रहे थे। छात्रा के परिवारीजनों ने बताया कि सत्ता पक्ष के एक अन्य विधायक के दबाव डालने पर सिकंदरा पुलिस ने आरोपी के कई रिश्तेदारों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
कार्रवाई का इंतजार जारी है
हरिओम यादव पर यह संगीन इल्जाम लगाने वाली लड़की ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करा दिया, लेकिन पुलिस की ओर से अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
आगरा में यादव के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा हो रहा है, लेकिन प्रशासन के कान पर जूं नहीं रेंग रही। ऐसा बताया जा रहा है कि लड़की को विधायक के खिलाफ बयान न देने को लेकर धमकाया गया था। उसके परिवार को धमकी दी गई कि अगर ऐसा कुछ हुआ, तो अंजाम बुरा होगा।
हालांकि, मामला विधायकजी तक ही नहीं अटका। पुलिस ने उन दो लोगों के खिलाफ भी अब तक कोई कदम नहीं उठाया, जिनका नाम पीड़िता ने अपनी शिकायत में लिखा है।