मुजफ्फरनगर में पुलिस की दबिश और दुर्व्यवहार से क्षुब्ध महिलाओं ने मंगलवार को पंचायत कर ऐलान किया कि पुलिस को गांव में घुसने नहीं दिया जाएगा। किसी भी निर्दोष को जेल नहीं जाने दिया जाएगा।
एकपक्षीय कार्रवाई से क्षुब्ध गांव खरड़ की महिलाओं ने आजम खान का पुतला फूंककर विरोध प्रकट किया।
महिलाओं ने मंगलवार को गांव की प्राइमरी पाठशाला में पंचायत आयोजित की। पंचायत में महिलाओं ने कहा कि पुलिस गांव के युवकों और ग्रामीणों पर जुल्म कर रही है।
शासन और प्रशासन के दबाव में पुलिस ने एकपक्षीय कार्रवाई की है। उनके गांव के दर्जनों युवकों और ग्रामीणों को झूठे मुकदमों में फंसा दिया गया है। पुलिस निर्दोष युवकों और ग्रामीणों की गिरफ्तारी के लिए गांव में दबिश दे रही है।
आरोप है कि पुलिस दबिश के नाम पर महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार करती है। पुलिस दबिश और झूठी नामजदगी को लेकर महिलाओं की पंचायत में प्रशासन के खिलाफ गुस्सा रहा।
महिलाओं ने चेतावनी दी कि पुलिस को झूठी नामजदगी में निर्दोष युवकों एवं ग्रामीणों के विरुद्ध दबिश नहीं डालने दी जाएगी।,वे निर्दोषों को जेल नहीं जाने देंगी। सर्वसम्मति से लिए निर्णय के अनुसार महिलाओं ने पंचायत में ऐलान करते हुए कहा कि पुलिस को गांव में नहीं घुसने दिया जाएगा।
सात नवंबर की महापंचायत स्थगित
हुसैनपुर कलां के तिहरे हत्याकांड को लेकर अपनी मांगों के समर्थन में सात नवंबर को बुढ़ाना में महापंचायत स्थगित कर दी गई है। शासन और प्रशासन से वार्ता के बाद नवगठित भारतीय किसान मजदूर मंच ने सर्वसम्मति से लिए निर्णय के अनुसार बुढ़ाना में आयोजित होने वाली पंचायत स्थगित करने की घोषणा की।
तिहरे हत्याकांड को लेकर गांव के मदरसे में जनसभा हुई थी। मृतक के आश्रितों को 25-25 लाख मुआवजा, एक-एक को सरकारी नौकरी, ग्रामीणों को शस्त्र लाइसेंस और हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की मांग की गई थी। मांग पूरी न होने पर सात नवंबर को बुढ़ाना में महापंचायत के आयोजन की घोषणा की गई थी।
भरोसा जीतने के लिए होगी पहल
सिसौली में होने वाली खाप चौधरियों की बैठक टलने के बाद अब गठवाला खाप दोनों जिलों में आपसी सौहार्द कायम करने के लिए पहल शुरू की है। गठवाला खाप चौधरियों की बैठक बुलाने की तैयारियों में जुट गया है। वेस्ट यूपी में आए दिन हो रही हिंसात्मक घटनाओं को रोकने के लिए भाकियू ने छह नवंबर को सिसौली में खाप चौधरियों और जमीयत के उलेमा की बैठक बुलाई थी।