सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग ने 19 जनवरी को प्रस्तावित लोअर सब-ऑर्डिनेट भर्ती प्रारंभिक परीक्षा-2013 स्थगित कर दी है।
शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के फैसले पर रोक लगाते हुए पिछले कई सालों से परीक्षाओं के आयोजन न होने के कारण निर्धारित उम्र सीमा पार कर चुके अभ्यर्थियों को शामिल होने देने का निर्देश आयोग को दिया।
सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को इलाहाबाद हाईकोर्ट के दो जजों की बेंच के उस आदेश पर रोक लगा दी है, जिसमें निर्धारित उम्र पार कर चुके अभ्यर्थियों को परीक्षा में शामिल होने की छूट देने पर रोक लगा दी गई थी।
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अनिल आर दवे व जस्टिस जेएस खेहर की पीठ के समक्ष अभ्यर्थी अनिल कुमार राय की ओर से पेश हुए अधिवक्ता जयंत कुमार मेहता की दलीलों से सहमति जताते हुए उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग समेत दस प्रतिपक्षों को नोटिस जारी किया।
साथ ही हाईकोर्ट की डबल बेंच की ओर से गत वर्ष 4 दिसंबर को जारी किए गए आदेश के अनुपालन और उसे लागू करने पर रोक लगा दी।
सर्वोच्च अदालत ने सभी प्रतिपक्षों को दो सप्ताह में जवाब पेश करने का निर्देश जारी करते हुए सुनवाई की अगली तिथि 31 जनवरी तय की है।
सर्वोच्च अदालत को याचिकाकर्ता के अधिवक्ता मेहता ने बताया कि 2008 के बाद इस परीक्षा का आयोजन 2013 में हो रहा है। चार साल के अंतराल में मेरे मुवक्किल की उम्र तय सीमा को पार कर गई जोकि इस परीक्षा के लिए अधिकतम चालीस वर्ष है।
सवाल यह उठता है कि यदि परीक्षा हर साल कराई जाए तो भला किसी अभ्यर्थी के साथ ऐसा क्यों होगा। लेकिन परीक्षा कई वर्षों के अंतराल में करायी जा रही है तो उन अभ्यर्थियों को छूट मिलनी चाहिए जो इस अंतराल में उम्र की निर्धारित सीमा को पार कर जाते हैं।
परीक्षा स्थगित करने को लेकर हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट में दो अलग-अलग याचिका दाखिल की गईं थीं। हाईकोर्ट में पहुंचे आवेदक का कहना था कि आयोग ने अभ्यर्थियों का सेंटर दूसरे जिलों में डाला है और ठंड के चलते परीक्षा स्थगित कर दी जानी चाहिए लेकिन कोर्ट ने परीक्षा टालने से मना कर दिया।
प्रदेश के तकरीबन सभी अभ्यर्थियों का परीक्षा केंद्र दूसरे जिलों में भेजा गया है। ऐसे में बड़ी संख्या में अभ्यर्थी शुक्रवार को संबंधित जिलों के लिए रवाना हो गए।
देर शाम आयोग के सचिव अनिल कुमार यादव ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट के आदेश को संज्ञान में लेते हुए परीक्षा स्थगित कर दी गई है। यह अर्जेंट मैटर रहा, इसलिए आयोग को सूचना नहीं थी। आदेश मिलने पर आयोग ने यह फैसला लिया।