केंद्रीय वित्त मंत्री पी. चिंदबरम का कहना है कि हालिया आर्थिक सुधार के फैसलों पर यूपीए एकजुट है। यूपीए समन्वय समिति की बैठक में सभी दलों ने माना कि मौजूदा हालात में ये कड़े फैसले इकोनॉमी की सेहत सुधारने के लिए जरूरी थे। चिदंबरम ने पत्रकारों को बताया कि बैठक में महाराष्ट्र मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं हुई।
उल्लेखनीय है कि आर्थिक सुधारों के एजेंडे पर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पहले ही कांग्रेस की शीर्ष नीति निर्धारक इकाई पार्टी कार्यसमिति की मुहर लगवा ली है। हालांकि सहयोगी दल द्रमुक खुदरा क्षेत्र में विदेशी निवेश के मुद्दे पर ढुलमुल रुख अपना रहा है। पार्टी ने भारत बंद में भी हिस्सा लिया था।
माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री ने खुदरा क्षेत्र में एफडीआई का फैसला अचानक लिया था, जबकि कैबिनेट की बैठक में घटक दल कोटे के मंत्रियों को इसकी जानकारी तक नहीं थी। इसलिए अब समन्वय समिति की बैठक के जरिए घटक दलों को साधने की पहल की गई।