यूपीए सरकार के रिपोर्ट कार्ड पर भाजपा बरस पड़ी है।
पार्टी ने रिपोर्ट कार्ड में किए दावों को गलत करार देते हुए कहा कि जनता को यूपीए सरकार की सभी कारगुजारियां मालूम हैं।
भाजपा ने प्रधानमंत्री से कहा कि वर्ष 2004 में अर्थव्यवस्था का गिलास खाली नहीं बल्कि लबालब था।
इसके साथ ही पार्टी ने कहा कि आजादी के 66 साल में से 56 साल तक देश में शासन करने वाली कांग्रेस को इस बात की माफी मांगनी चाहिए कि वह आज तक सभी को खाद्य सुरक्षा नहीं दे पाई।
भाजपा ने आश्चर्य जताते हुए कहा कि अर्थशास्त्री प्रधानमंत्री का यह कहना सरासर गलत है कि उन्हें 2004 में खाली गिलास मिला था।
पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि प्रधानमंत्री आंकड़ों में दिख रही तस्वीर के विपरीत कैसे बयान दे सकते हैं।
त्रिवेदी ने कहा कि 2004 में जब अटल बिहारी वाजपेयी की सरकार हटी तब विकास दर 8.4 फीसदी और मुद्रास्फीति दर 3.77 फीसदी थी, लेकिन आज जीडीपी विकास दर पांच फीसदी और मुद्रास्फीति दर घटने के बावजूद सात से 7.5 फीसदी तक है।
राजकोषीय घाटा भी 1991 के स्तर पर यानी 5.9 फीसदी है। उन्होंने कहा कि सरकारी आंकड़े बताते हैं कि एनडीए के शासन में 6.70 करोड़ रोजगार सृजित हुए, लेकिन यूपीए के शासन में मात्र 27.20 लाख रोजगारों का ही सृजन हो पाया। अब कृषि व मैन्युफैक्चिरिंग में तो नकारात्मक वृद्धि दर्ज की गई।
यह बात भी सभी जानते हैं कि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों ने भारत की रेटिंग घटा दी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि यूपीए सरकार अब जीडीपी विकास दर का जो भी दावा कर रही है उसमें भाजपा-एनडीए शासित राज्यों का ही मुख्य योगदान है।
भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि सरकार का यह आरोप गलत है कि भाजपा ने खाद्य सुरक्षा और भूमि अधिग्रहण बिल को पारित नहीं होने दिया क्योंकि कांग्रेस ने भाजपा के विरोध के बावजूद परमाणु बिल और रिटेल में एफडीआई को भी हरी झंडी दिखाई।
उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने यह इसलिए किया क्योंकि इन मुद्दों में उसका निजी हित जुड़ा था, जबकि खाद्य सुरक्षा बिल और भूमि अधिग्रहण बिल कांग्रेस के लिए राजनीति करने के मुद्दे मात्र हैं।