वरिष्ठ भाजपा नेता और लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने कहा है कि यूपीए सरकार संसद के शीतकालीन सत्र के बाद नहीं चल पाएगी। तृणमूल कांग्रेस के समर्थन वापस लेने के बाद यह सरकार बहुमत खो चुकी है और देश मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रहा है। स्वराज ने कहा कि इस सरकार को कोई बड़ा फैसला करने का अधिकार नहीं है।
सुषमा स्वराज ने ये बातें बृहस्पतिवार को भोपाल में भारतीय जनता युवा मोर्चा द्वारा आयोजित ‘युवा संकल्प’ बाइक रैली में कही। रैली का आयोजन स्वामी विवेकानंद की 150वीं जयंती पर किया गया था। मनमोहन सिंह की सरकार पर हमला बोलते हुए स्वराज ने कहा कि यह सरकार त्रिलोकी (जमीन, आकाश और पाताल) भ्रष्टाचार में लगी हुई है।
भाजपा नेता ने अपनी बात को स्पष्ट करते हुए कहा कि यूपीए के शासन काल में जमीन पर कॉमनवेल्थ गेम्स, आकाश में टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन और पाताल (जमीन के अंदर) कोल ब्लॉक आवंटन घोटाला हुआ। स्वराज ने कहा कि इन सभी घोटालों से जनता का ध्यान हटाने के लिए ही सरकार ने अचानक रिटेल में एफडीआई का फैसला किया है और साल में एक परिवार को 6 रसोई गैस सिलिंडर का नियम लागू किया है। उन्होंने कहा कि यूपीए सरकार उम्मीद कर रही थी कि भाजपा एफडीआई के मुद्दे पर उसका साथ देगी, लेकिन मुख्य विपक्षी पार्टी किसी भी हालात में इस फैसले का समर्थन नहीं करेगी।
स्वराज ने कहा कि देश मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि सपा, बसपा, डीएमके के साथ ही यूपीए के सभी सहयोगी एफडीआई के मुद्दे पर संसद में सरकार का समर्थन नहीं करेंगी। ऐसे में यह सरकार शीतकालीन सत्र में बच नहीं पाएगी। उन्होंने कहा कि यह सरकार घोटाला दर घोटाला के बाद अपनी विश्वसनीयता खो चुकी है। भाजपा नेता ने ‘कांग्रेस हटाओ, देश बचाओ’ का नारा दिया। रैली में स्वराज ने राज्य में चलाई गई कल्याणकारी योजनाओं के लिए मध्य प्रदेश सरकार की तारीफ की।