पदोन्नति में कोटे का विरोध कर रहे अधिकारियों व कर्मचारियों की हड़ताल से दूसरे दिन शनिवार को भी सरकारी दफ्तरों में कामकाज प्रभावित रहा। राज्य सरकार और सपा के हड़ताल न तुड़वाने के ऐलान का असर भी हड़ताल पर दिखा।
हड़ताल के चलते कई विभागों में लेनदेन प्रभावित हुआ। हड़ताली कर्मचारियों के निशाने पर भाजपा व कांग्रेस रही। सर्वजन हिताय संरक्षण समिति ने हड़ताल को पूरी तरह सफल बताया है जबकि आरक्षण बचाओ समिति ने दावा किया है कि दलित वर्ग के अधिकारियों व कर्मचारियों ने हड़ताल से विभागों के कामकाज को प्रभावित नहीं होने दिया।
हड़ताली कर्मचारियों के दावे के मुताबिक, खासतौर से संपत्तियों की रजिस्ट्री व बकाया वसूली पर असर के चलते दो दिन में लगभग 3000 करोड़ का राजस्व प्रभावित हुआ है। जिलों में भी प्रदर्शन हुए और भाजपा व कांग्रेस को लोकसभा के अगले चुनाव में सबक सिखाने की चेतावनी दी गई।
अवध के कई जिलों में हड़ताल का असर दिखा। लखनऊ में लोक निर्माण विभाग व सिंचाई विभाग में भी दिन भर ताले पड़े रहे। हड़तालियों ने भाजपा मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उधर, आरक्षण समर्थकों के संगठन आरक्षण बचाओ समिति ने दावा किया कि हड़ताल का प्रदेश में कोई खास असर नहीं पड़ा।