दिल्ली कांड के बाद शोर तो खूब मचा था...कहा गया था कि न्याय के लिए अब बेटियों को जंग नहीं लड़नी होगी लेकिन वक्त बीतने के साथ ही यह बातें अखबारों की कतरनों में ही रह गईं।
पुलिस किस कदर इन मामलों में संवदेनहीन है इसकी ताजा तस्वीर फतेहगंज पूर्वी पुलिस ने दिखाई है। एक मां थाने पहुंची थी अपनी बेटी के साथ हुई छेड़छाड़ की रिपोर्ट दर्ज कराने। पहले तो उससे सुबूत मांगा गया। न देने पर थाने से भगा दिया।
लेकिन जब वह जिद पर अड़ी रही और थाने से नहीं लौटी तो थानाध्यक्ष ने शर्त लगाई कि अगर वह मंदिर में शपथ पत्र देगी तब ही मुकदमा दर्ज होगा। आखिर उसने एफिडेविट मंगवाया, मंदिर में जाकर उस पर अपनी बात लिखी तब जाकर छेड़छाड़ का मुकदमा दर्ज हुआ।
मामला मटेनिया गांव का है। पांच मई को यहां घर में घुसकर एक किशोरी से गांव का ही युवक द्रोणपाल छेड़छाड़ करने लगा। जब लड़की ने शोर मचाया तो आसपास के ग्रामीण पहुंचे। तब तक द्रोणपाल भाग गया था और लड़की बुरी तरह सहमी हुई थी।