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भड़काऊ पर्चों को लव लेटर बता रही है पुलिस

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मेरठ में तकरीबन 35 युवक हथियारों से लैस होकर एक कॉलेज पहुंचते हैं, उनके पास से लव जिहाद और धर्म परिवर्तन जैसे मुद्दों पर भड़काऊ भाषण लिखे पर्चे भी बरामद होते हैं, इसके बाद भी पुलिस का ढुलमुल रवैया किसी के गले नहीं उतर रहा है। पत्र में आतंकी गतिविधियों और सांप्रदायिक हिंसा जैसे मामलों में भी भड़काऊ टिप्पणी की गई है। लेकिन पुलिस इन्हें लव लेटर बता रही है। आरोपियों के पास से करीब ढाई लाख रुपये भी मिले हैं। इस सनसनीखेज मामले में भी पुलिस मारपीट और अवैध हथियार रखने जैसी मामूली धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर लीपापोती करने में लगी है।
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सोमवार को गंगानगर स्थित कॉलेज में एक छात्रा को लेकर छात्र अशरफ अब्बास और विशाल में कहासुनी हो गई थी। इसके बाद मंगलवार को अशरफ अब्बास कई युवकों के साथ हथियारों से लैस होकर विशाल की तलाश में कॉलेज पहुंचा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने अशरफ अब्बास, शाह अब्बास, फैजान (तीनों सगे भाई) निवासी खिर्वा जलालपुर सरधना, अंकुर निवासी हेवा छपरौली, संजीव निवासी घाट परतापुर, ब्रह्मपाल निवासी शास्त्रीनगर, हिमांशु निवासी आई ब्लॉक गंगानगर, गौरव शर्मा और सौरभ को गिरफ्तार किया था। इनसे एक लाइसेंसी राइफल, दो तमंचे, पांच चाकू, हाकी डंडे, आपत्तिजनक लेटर और 2.50 लाख रुपये बरामद हुए थे।

एसओ इंचौली तेज सिंह यादव ने बताया कि बुधवार को आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया था। आरोपी अशरफ अब्बास, फैजान और ब्रह्मपाल पर आर्म एक्ट की धारा लगाई गई, जबकि शाह अब्बास, अंकुर, संजीव, हिमांशु, गौरव और सौरभ पर मारपीट की धारा लगाई थी। कोर्ट से अशरफ अब्बास, फैजान और ब्रह्मपाल को जेल भेज दिया गया, बाकी आरोपियों को जमानत मिल गई। राइफल जब्त कर ली गई है, लाइसेंस की रिपोर्ट डीएम को भेज दी गई है। सवाल यह उठता है कि सब कुछ स्पष्ट होने के बाद भी पुलिस ने ऐसी लचर कार्रवाई क्यों की? जिससे जेल गए आरोपियों को भी जल्द ही जमानत मिल जाएगी।
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पुलिस सूत्रों का कहना है कि एक आरोपी ने खुद को सपा का जिला सचिव बताकर कैबिनेट मंत्री शाहिद मंजूर और मौ. अब्बास से पुलिस की बात भी कराई थी। मामले में लीपापोती की तैयारी थी लेकिन मीडिया में सुर्खी बनने के बाद पुलिस हल्की धाराओं में कार्रवाई कर अपना पल्ला झाड़ना चाहा। पुलिस ने मारपीट और अवैध हथियार रखने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज कर ली, जबकि भड़काऊ पर्चों के बारे में जिक्र ही नहीं किया।
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रिवाल्वर कर दी गायब

पुलिस सूत्रों ने बताया कि आरोपी युवकों से एक रिवाल्वर भी बरामद हुई थी। आरोपियों के थाने पहुंचने से पहले एक दरोगा ने रिवाल्वर गायब कर दी। इस बात को लेकर थाना और चौकी में तैनात सिपाहियों में इसकी चर्चा है।

फरार आरोपियों को पता नहीं
पुलिस की कार्रवाई देखो, नौ आरोपी पकड़े और 26 भाग गए। फरार आरोपी कौन और कहां से आए हैं, इसका पता लगाने की भी पुलिस ने जरूरत नहीं समझी। भड़काऊ लेटर किसने लिखे, कहां से आए, इस बारे में भी जानने की कोशिश नहीं की गई। कमाल की बात है कि भड़काऊ लेटर को पुलिस लव लेटर बताने में लगी है।

रात भर खातिरदारी, बेखौफ थे आरोपी
पकड़े गए आरोपियों को किसी का खौफ नहीं था। तभी तो पुलिस जीप में बैठा एक आरोपी हाथ उठाकर ऐसा प्रतिक्रिया दे रहा था मानो किसी खुशी का इजहार कर रहा हो। पुलिस के सामने ही आरोपी खुलेआम लोगों से बातचीत कर रहे थे। बताया जा रहा कि उनकी पैरवी में रातभर सपा के कई नेता भी लगे रहे। रातभर आरोपियों के साथ पुलिस वालों ने अपनी भी खूब खातिरदारी कराई। कोर्ट जाते समय अशरफ अब्बास ने तो यहां तक कहा कि पुलिस हमारी है।

क्यों अनजान बनी पुलिस
सिपाही से लेकर पुलिस अफसरों तक सबने आरोपियों से बरामद हुआ भड़काऊ लेटर पढ़ा। सवाल उठता है कि पुलिस अनजान क्यों बनी। पुलिस अफसरों की कार्रवाई पर हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने आक्रोश जताया है। हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों से मामले की गंभीरता से जांच करने की बात कही है।

सपा नेता की किरकिरी
मामले में पुलिस की लीपापोती करने पर सपा नेताओं की थाने से लेकर कचहरी तक किरकिरी हुई। इसके बावजूद सपा कार्यकर्ताओं का लगातार पुलिस अफसरों पर दबाव बना रहा। इसके बाद ही पुलिस ने सरेआम हथियार लहराने और आपत्तिजनक लेटर रखने वाले आरोपियों पर मेहरबानी दिखाई।

एसएसपी मेरठ ओंकार सिंह ने बताया कि मंगलवार शाम मैं थाने में अर्दली रूम (ओआर) करने गया था। लौटा, तब एसओ ने फोन पर कॉलेज में छात्रों के बीच हुई मारपीट की जानकारी दी। युवकों से लव जिहाद या धर्म परिवर्तन के लेटर बरामद होने के बारे में नहीं बताया गया। जांच कराकर कार्रवाई करूंगा।
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