मुजफ्फरनगर के दंगों को लेकर नए खुलासे के बाद उत्तर प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां अब भाजपा के निशाने पर आ गए हैं।
पार्टी नेतृत्व ने प्रदेश भाजपा को आजम के खिलाफ सियासी हमले तेज करने को कहा है। इसके साथ ही यूपीए सरकार को भी कठघरे में खड़ा करते हुए भाजपा ने सपा सरकार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग दोहराई है।
लोकसभा चुनाव को लेकर उत्तर प्रदेश की कोर कमेटी की बुधवार की बैठक में प्रदेश इकाई को आजम मामले को पुरजोर तरीके से उठाने को कह दिया गया। अब प्रदेश भाजपा आजम के खिलाफ आक्रामक रूप में मैदान में दिखेगी।
इधर, असम के दौरे पर गए भाजपा अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने सपा सरकार के खिलाफ प्रभावी और कड़ी कार्रवाई की मांग दोहरा दी, जबकि दिल्ली में पार्टी प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि ताजा खुलासे से यह बात सामने आ गई है कि दंगों को लेकर सपा सरकार का रुख पक्षपातपूर्ण रहा।
त्रिवेदी ने बगैर नाम लिए आजम को निशाने पर लेते हुए कहा कि यह भी साफ हो गया है कि इन दंगों के पीछे किसका हाथ है।
उन्होंने कहा कि सपा प्रमुख मुलायम सिंह इन दंगों को जातीय हिंसा कहते रहे हैं, लेकिन अब जबकि यह बात साफ हो गई है कि इस दंगों में प्रदेश के एक मंत्री की अहम भूमिका रही है, मुलायम को बताना चाहिए कि वे इस मंत्री के खिलाफ क्या कार्रवाई करेंगे।
त्रिवेदी ने केंद्र सरकार से भी जानना चाहा कि उसने अब तक सपा सरकार के खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
त्रिवेदी ने आरोप लगाया कि मुजफ्फरनगर के दौरे पर गए प्रधानमंत्री और प्रदेश के मुख्यमंत्री ने जो एकांगी राजनीति दिखाई, उससे यही संदेश जाता है कि कांग्रेस व सपा में मिलीभगत है।
उन्होंने गुजरात के दंगों पर विलाप करने वाले सामाजिक संगठनों को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि उनकी इन दंगों पर खामोशी बता रही है कि वे गुजरात को लेकर राजनीति से प्रेरित होकर आलाप करते रहे हैं।