इराक में फंसे उत्तर प्रदेश के 22 लोगों में से चार लोग कुशीनगर व आसपास के हैं। बसरा में स्टेडियम निर्माण में मजदूरी के लिए ले जाए गए ये लोग वहां बंधक बना लिए गए हैं।
शनिवार को इन लोगों ने ‘अमर उजाला’ को वीडियो क्लिप भेजकर आपबीती और वहां के हालात बयां किए। साथ स्वदेश वापसी में भारत सरकार के दखल की अपेक्षा जताई।
इनके मुताबिक रोजगार की उम्मीद में वे 24 अप्रैल 2012 को इराक गए थे। मध्यस्थ की भूमिका महराजगंज के श्यामदेउरवा के एक शख्स ने निभाई, जिसने खुद को विदेश में जॉब दिलाने वाला एजेंट बताया था। इराक जाने वालों में जिले के झझवा गड़हिया निवासी राजेश गुप्ता, खड्डा के सोहनलाल, चिलुआ के इंद्रसेन और फरदहां के संजय कुमार शामिल हैं। वहां भारतीय दूतावास से 500 किलोमीटर दूर बसरा के पास बसरा इंटरनेशनल स्टेडियम का निर्माण करा रही कंपनी के सुपुर्द किया गया।
इंटरनेशनल स्टेडियम बनाने वाली कंपनी के संचालक अब्दुल्ला जबूरी ने पासपोर्ट कब्जे में लेकर भरपूर काम लिया। अप्रैल 2014 से मजदूरी बंद कर दी, जबकि हफ्तेभर से खाना भी कभी-कभार मिल रहा है।