उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के रहने वाले 35 वर्षीय दिनेश विश्वकर्मा सजा पूरी होने के बाद भी पाकिस्तान की जेल से रिहा नहीं हो पाए हैं।
केंद्र सरकार के विदेश मंत्रालय ने एक आरटीआई के जवाब में बताया है कि दिनेश विश्वकर्मा को पाकिस्तान के अधिकारियों ने 9 मार्च, 2012 को फॉरेनर्स एक्ट के तहत पकड़ा था।
बिना कागजात के पाकिस्तान की सीमा में घुसने पर दिनेश को एक वर्ष के कारावास और 500 रुपए जुर्माना या 15 दिन और कैद की सजा दी गई थी।
इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक केंद्र सरकार ने आरटीआई के जवाब में कहा है कि सजा पूरी होने के बाद भी पाकिस्तान की सरकार ने उसे क्यों नहीं छोड़ा है, इस बारे में विदेश मंत्रालय को कोई जानकारी नहीं है।
दिनेश के भाई रजनीश ने बताया कि पिछले सप्ताह भारत के राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, विदेश मंत्री और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को पत्र लिखकर भाई की रिहाई के लिए मदद मांगी है।
दिनेश की पत्नी रुक्मणी देवी ने कहा कि उसे अपने पति की सुरक्षा और स्वास्थ्य की चिंता है।
एक बार वह रिहा होकर वापस आ जाएं, तभी हमें संतुष्टि होगी।
दिनेश के परिवार वालों ने बताया कि वह राजस्थान के अलवर जिले में एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वर्ष 2011 के मध्य में अचानक ही दिनेश गायब हो गया था।