फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

क्या अयोध्या में राम मंदिर बनाएगी सपा सरकार?

Sat, 12 Oct 2013 01:53 PM IST
अमर उजाला दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
उत्तर प्रदेश सरकार की एक चिट्ठी ने बवाल मचा दिया है। इसमें सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर अयोध्या में राम मंदिर के पुनर्निर्माण पर विचार के लिए फैजाबाद के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और जिला मजिस्ट्रेट को बैठक के लिए बुलाए जाने का जिक्र किया गया है।
विज्ञापन


टीओआई की खबर के मुताबिक इस चिट्ठी से सियासी गलियारों में भी हरकतें बढ़ गई हैं।

समाजवादी पार्टी ने राम मंदिर से जुड़ी चिट्ठी पर सफाई देते कहा कि प्रिंटिंग मशीन की वजह से यह गलती हुई है, जिसे सुधार लिया गया है।

यूपी सरकार के सचिव सर्वेश चंद्र मिश्र की ओर से जारी चिट्ठी में डीजीपी और दूसरे आला पुलिस अफसरों को सोमवार शाम बैठक में हिस्सा लेने के लिए कहा गया है।

पत्र में कहा गया है कि इस बैठक में 'सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर श्री रामजन्मभूमि पर मंदिर निर्माण को लेकर संसद में कानून पारित करने पर' चर्चा होगी।

कानून-व्यवस्था पर होगी चर्चा?
इस बैठक में प्रिंसिपल सेक्रेटरी (गृह) आर एम श्रीवास्तव और फैजाबाद के जिला मजिस्ट्रेट को छोड़कर जिन अफसरों को बुलाया गया है, वे सभी पुलिस अधिकारी हैं। इसके आधार पर अंदाजा लगाया जा रहा है कि बैठक का उद्देश्य कानून-व्यवस्था बनाए रखना है।

हालांकि, पत्र में 'सोमनाथ मंदिर की तर्ज पर श्रीरामजन्मभूमि' पर मंदिर पुनर्निर्माण का जो साफ जिक्र किया गया है, उससे कई तबकों में हैरत है।

'श्री रामजन्मभूमि' जुमले का इस्तेमाल संघ परिवार विवादित ढांचे के लिए करता है। इसके अलावा विश्व हिंदू परिषद अयोध्या में मंदिर बनाने को लेकर केंद्रीय स्तर पर कानून की मांग करता रही है।
विज्ञापन


श्रीवास्तव का इनकार
संपर्क करने पर आर एम श्रीवास्तव ने बैठक के उद्देश्य से जुड़े कयासों को बेमानी बताते हुए कहा कि इसमें वीएचपी के मंदिर आंदोलन में दोबारा जान फूंकने की योजना के असर पर चर्चा होगी।

हालांकि, कई लोगों को यह बात पच नहीं रही, क्योंकि उनका मानना है कि अयोध्या जैसे संवेदनशील मुद्दे पर सरकारी चिट्ठी लिखते वक्त अनुभवी अफसरों से इस तरह की नादानियां नहीं हुआ करतीं।

कहीं यह सियासी चाल तो नहीं?
कुछ लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि कहीं यह समाजवादी पार्टी की रणनीति तो नहीं, जिसमें वह नरेंद्र मोदी की लहर पर सवार भाजपा के चुनाव प्रचार की हवा निकालनी चाहती है।
विज्ञापन


लेकिन सभी इससे इत्तफाक नहीं रखते। उनका कहना है कि मुलायम सिंह यादव मुस्लिमों को खफा करने का इतना बड़ा जोखिम नहीं ले सकते।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें