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भाजपा की ‘लव जेहाद’ शब्द से तौबा, मुद्दे से नहीं

Mon, 25 Aug 2014 03:31 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
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भीतर-बाहर के दबाव के चलते वृंदावन में भाजपा प्रदेश कार्यसमिति की बैठक के दूसरे दिन ‘लव जेहाद’ शब्द से तौबा करते हुए पारित राजनीतिक प्रस्ताव में इस शब्द का उल्लेख नहीं किया गया। बाकी सब कुछ कह दिया गया। बैठक में पारित प्रस्ताव में राज्य में वर्ग विशेष की महिलाओं से हो रहे दुराचार और उसमें एक वर्ग विशेष के लोगों के शामिल होने पर चिंता जताने जैसी बात कही गई।
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इससे साफ हो गया है कि भविष्य में भाजपा की राजनीति इसी मुद्दे को धार देने पर रहेगी। लेकिन भाजपा प्रदेश अध्यक्ष द्वारा बैठक से पहले लव जेहाद को प्रमुखता देने से मचे बवाल ने इस कार्यसमिति की हवा निकाल दी। घोषित कार्यक्रम के बावजूद न तो राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह आए, न समापन के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह पहुंचे। अखिलेश सरकार को घेरने की रणनीति से तैयार किए गए एजेंडे पर फोकस करने के बजाय कार्यसमिति पर लव जेहाद से उठे बवाल का साया मंडराता रहा।

कार्यसमिति की बैठक में पश्चिमी यूपी के तीन-चार सदस्यों ने इस बारे में आवाज उठाई। एक नेता ने कहा कि हिंदू लड़कियों के साथ जिस तरह की घटनाएं एक वर्ग विशेष की तरफ से घट रही हैं, यह बड़ी चिंता का विषय है। इन नेताओं ने राजनीतिक प्रस्ताव में इस मुद्दे पर साफ-साफ राय रखने पर जोर दिया। हालांकि प्रस्ताव में लव जेहाद शब्द को शामिल नहीं किया गया। बाद में प्रदेश अध्यक्ष लक्ष्मीकांत वाजपेयी ने कहा भी कि लव जेहाद पर कोई प्रस्ताव नहीं आएगा।
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केंद्रीय नेतृत्व प्रदेश के कई वरिष्ठ नेताओं से बेहद खफा

लव जेहाद के मुद्दे को प्रमुखता देने को लेकर केंद्रीय नेतृत्व वाजपेयी समेत प्रदेश के कई अन्य वरिष्ठ नेताओं से बेहद खफा है। उसका मानना है कि पहले से तय, राज्य की लचर कानून व्यवस्था के बदले सांप्रदायिक मुद्दे को तूल देकर राज्य नेतृत्व ने विपक्ष को केंद्र सरकार के साथ-साथ भाजपा पर बड़ा हमला करने का मौका दे दिया। जबकि योजना लचर कानून व्यवस्था को बड़ा सवाल बनाकर अखिलेश सरकार को चौतरफा घेरने और वर्ष 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव की रणनीति का खाका खींचने की थी।

उल्लेखनीय है कि शनिवार को शुरू हुई कार्यकारिणी की बैठक का उद्घाटन जहां शाह को करना था वहीं पहले से तय कार्यक्रम के मुताबिक बैठक का समापन राजनाथ को करना था।

पार्टी सूत्रों के मुताबिक मथुरा में संपन्न हुई दो दिवसीय कार्यकारिणी की बैठक का एजेंडा राज्य की कानून व्यवस्था की स्थिति पर राज्य सरकार पर हमला बोलना तय किया गया था। इसके अलावा सूबे में विकास, महिलाओं और गन्ना किसानों की स्थिति पर भी बैठक में व्यापक चर्चा का एजेंडा तय किया गया था। मगर बैठक से पहले वाजपेयी ने ‘लव जेहाद’ और धर्मांतरण संबंधी मुद्दे को प्राथमिकता देकर राज्य सरकार को घेरने की योजना धराशायी कर दी।  शाह ने इस संबंध में वाजपेयी को फोन कर न केवल अपनी नाराजगी जाहिर की, बल्कि बैठक में इन मुद्दों से दूरी बनाने का भी सख्त आदेश दिया था।
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प्रस्ताव के प्रमुख बिंदु

बैठक में पारित प्रस्ताव में भले ही ‘लव जेहाद’ शब्द का इस्तेमाल न किया गया हो, लेकिन इसी तरह की बात कही गई है। लिखा गया है कि 30 महीने की सपा सरकार में प्रदेश में सांप्रदायिक दंगे बढ़े हैं। अराजक तत्वों के खिलाफ कार्रवाई करना दूर उल्टे उन्हें संरक्षण दिया जा रहा है।

500 फीसदी बढ़ीं दुष्कर्म की घटनाएं
यूपी में दुराचार की घटनाओं से सांप्रदायिक उन्माद फैल रहा है। सपा सरकार में बलात्कार की घटनाएं 500 प्रतिशत बढ़ी हैं। राज्य में वर्ग विशेष की महिलाओं से हो रहे दुराचार और उसमें एक वर्ग विशेष के लोगों का शामिल होना महज संयोग है या साजिश, यह चिंता का विषय है।
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