उत्तर प्रदेश के महोबा स्थित ग्राम बुड़ेरा में बड़ी माता मंदिर में हुए कन्या भोज में खोया, चीनी से बना मिष्ठान खाने से 400 बच्चे बीमार हो गए। कन्या भोज स्थल पर ही अचानक बच्चों की बिगड़ी हालत के चलते अफरा तफरी मच गई।
किसी तरह 150 बच्चों को सरकारी अस्पताल और सैकड़ा भर से अधिक बच्चों को प्राईवेट नर्सिंग होम में भर्ती कराया गया। इसके बाद सूचना पर पहुंची स्वास्थ्य महकमे की टीम ने करीब 150 बच्चों का मौके पर ही इलाज शुरू कर दिया। उप जिलाधिकारी ने भी मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया।
पनवाड़ी ब्लॉक के ग्राम बुड़ेरा में प्रसिद्ध बड़ी माता मंदिर में नवरात्र पर पड़ोसी गांव ग्राम झिन्ना निवासी देवीदीन राजपूत ने शनिवार को कन्या भोज का आयोजन कराया था। सुबह 9 बजे से गांव के करीब 400 बच्चे कन्या भोज में पहुंच गए। कन्या भोज में खोया और चीनी को मिश्रित कर बच्चों को खिलाया गया। दस मिनट के अंतराल में खोया, चीनी खाने वाले बच्चों की मौके पर ही हालत बिगड़ने लगी। बच्चों के उल्टियां, दस्त होते देख अफरा तफरी मच गई।
सूचना पाकर बच्चों के अभिभावक भी बड़ी संख्या में मौके पर पहुंच गए। हालत बिगड़ते देख मोटर साइकिल, ट्रैक्टरों और ऑटो से किसी तरह बच्चों को इलाज के लिए परिजन लेकर भागने लगे। 150 बच्चों को पनवाड़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया।
कन्या भोज में रोशनी (4) पुत्री राजू, जिगर (3) पुत्र सुरेश, चुन्नी (5) पुत्र मानसिंह, कमल (6) पुत्र मंगल, शिल्पी (7), विशाल (8) पुत्र मूलचंद्र, विपिन (4) पुत्र मूलचंद्र, साक्षी (3), कल्पना (5), आकांक्षा (4), अर्पित (6), नीलू (8), संजना (5), अंजू (4), रोहित (5), अनुज (2), चाहत (2), तेज कुमार (5), अंजू (14), प्रवेश (14), राखी (2), रोहित (6) सहित 150 बच्चों का इलाज शुरू हो गया है।
स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी डॉ. केपी सिंह ने जानकारी मिलते ही एक टीम गठित कर तत्काल बुड़ेरा गांव भेजी। जहां करीब 150 से अधिक बच्चों का इलाज शुरू किया गया। इधर सरकारी अस्पताल में पर्याप्त जगह न होने के कारण 100 बच्चों का इलाज प्राईवेट अस्पतालों में चल रहा है।
सूचना पाकर मौके पर पहुंचे उप जिलाधिकारी कुलपहाड़ पीके जैन ने हालातों का जायजा लेने के बाद बताया कि कन्या भोज में फूड प्वाइजनिंग के चलते बच्चों की हालत बिगड़ गई। लेकिन अब हालात नियंत्रण में है।