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गडकरी ने अपनी कंपनी के फायदे के लिए किया खेल!

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पखवाड़े भर पहले केंद्रीय परिवहन विभाग ने ई-रिक्शों पर प्रतिबंध लगाने का आदेश दिया था।
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दिल्ली की सड़कों पर एक लाख से अधिक ई-रिक्शे दौड़ रहे थे, इसके बाद भी केंद्रीय मोटर वाहन (सीएमवी) एक्ट में संशोधन के जरिए ऐसे वाहनों का प्रावधान खत्म कर दिया। राजनीतिक दलों ने हाथोंहाथ इस मुद्दे को उठाया।

आंदोलन की आगुवाई के लिए भाजपा तेजी से समाने आई। केंद्रीय परिवहन मंत्री नितिन गडकरी ने रामलीला मैदान में विशाल रैली की। उन्होंने प्रतिबंध हटाने के लिए कानून में बदलाव का आदेश दिया।
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गडकरी के आदेश में किसी 'खेल' की बू

गडकरी ने कहा कि ई-रिक्‍शा को बढ़ावा देने के लिए सरकार 'दीन दयाल उपाध्याय योजना' आरंभ करेगी, जिसके तहत ई-रिक्‍शा खरीदने के लिए तीन फीसदी की दर से कर्ज दिया जाएगा।

हालांकि, पखवाड़े भर बाद न‌ितिन गडकरी के उस योजना और आदेश में 'किसी खेल' की बू आने लगी है।

प्रतिबंध हटाने के आदेश से ई‌-रिक्‍शा चालकों का फायदा होने का दावा किया गया। सड़क पर लगभग एक लाख से अधिक ई-रिक्‍शा हैं, लेकिन न उनका पंजीकरण है और न सुरक्षा के मानक तय हैं।

2011 तक पू‌‌र्ति समूह के चेरमैन थे गडकरी

हालांकि इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, प्रतिबंध हटाने के आदेश से खुद गडकरी से ही जुड़ी नागपुर की कंपनी एक को फायदा हुआ।

दरअसल, विज्ञान और औद्योगिक अनुसंधन परिषद ने ई-रिक्‍शा बनाने और बेचने का लाइसेंस सात कंप‌नियों को दिया है। पूर्ति समूह की कंपनी पूर्ति ग्रीन टेक्नोलॉजी भी इनमें से एक है।

कंपनी का पंजीकरण 2011 में किया गया था और परिषद ने 2012 में इसे लाइसेंस दिया। 2011 तक गडकरी पू‌‌र्ति समूह के चेरमैन थे।

रामलीला मैदान में गडकरी ने ‌किया वादा

केंद्रीय मोटर वाहन (सीएमवी) एक्ट के मुताबिक, ढाई सौ वाट से कम क्षमता और 25 किमी की औसत स्पीड वाले वाहनों को पंजीकरण की आवश्यकता नहीं होती। हालांकि दिल्ली की सड़कों पर दौड़ रहे ई-रिक्शा की क्षमता ढाई सौ वाट से अधिक है।

विभाग ने पहले ढाई सौ वाट से कम क्षमता वाले ई-रिक्शा को छोड़कर बाकी पर कार्रवाई की बात ‌‌की थी लेकिन बाद में ई-‌रिक्‍शा का ही प्रावधान ही खत्‍म कर दिया गया।

गडकरी ने रामलीला मैदान की रैली में आदेश के खात्मे के साथ कानून में बदलाव का बात कही।

कानून बदलने से ‌पीजीटी को फायदा

उन्होंने कहा था कि 650 वाट के ई-रिक्‍शा को नॉन मोटराइज्ड वाहन माना जाएगा। ऐसे वाहनों का चालान भी नहीं होगा। उन्होंने केंद्रीय मोटर वाहन (सीएमवी) एक्ट, 1988 में बदलाव का वादा किया था। पीजीटी ढाई सौ वाट से अधिक क्षमता के वाहनों का ही निर्माण करती है।

पू‌‌र्ति ग्रीन टेक्नोलॉजी के निदेशक और गडकरी के साले राजेश तोतड़े के ने बताया कि हम ई-‌‌रिक्‍शा के मोटर क्षमता में छूट दिए जाने का इंतजार कर रहे हैं। इसके बाद कंपनी ऐसे वाहनों का निर्माण और बिक्री कर सकती है। तोतड़े ने कहा कि केंद्र सरकार कानून के बदलाव कर मोटर की क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है, उसी के साथ ह‌म भी अपना प्रोडक्ट लांच करने के लिए तैयार हैं।
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गडकरी ने आरोप के जवाब में कहा

तोतड़े ने कहा कि मोटर की क्षमता बढ़ाने के कुछ गैरकानूनी भी नहीं है।

वहीं गडकरी ने अपनी कंपनी को फायदा पहुंचाने के आरोप के जवाब में कहा कि ई-‌‌रिक्‍शे का निर्माण कई कपनियां कर रही हैं। किसी कंपनी ने अपना ‌एकाधिकार स्‍थापित नहीं कर लिया है और किसी को बैन भी नहीं किया गया है।

खरीदारों को लोन देने के संबंध में उन्होंने कह‌ा कि जहां तक बैंकों के तीन प्रतिशत कर दर से लोन देने का सवाल है कि मैंने प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को लिए पत्र लिखा है, जो आवश्यक होगा, वे करेंगे।
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