मुंबई के चर्चित दहीकाला उत्सव में इस साल नन्हें माखन चोर दही हांडी नहीं फोड़ पाएंगे। मुंबई में बीते 48 घंटे के दरम्यान दो बाल गोविंदाओं की मृत्यु से मुंबई पुलिस सतर्क हो गई है।
इधर, सोमवार को बांबे हाईकोर्ट ने भी बड़ा फैसला सुनाया है। हाईकोर्ट ने 18 साल से कम उम्र के बालक को दही हांडी में शामिल होने की मनाई के साथ ही नियम तोड़ने वाले के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आदेश दिया है।
जितनी उंचाई उतना ईनाम। इसी की खातिर मुंबई में दही हांडी फोड़ने की प्रैक्टिस शुरू हो चुकी है। प्रैक्टिस के दौरान नई मुंबई में किरण गोविंदा और मुंबई उपगनर जोगेश्वरी में ऋषिकेश पाटिल नामक बच्चे की मौत के बाद दहीकाला उत्सव के रंग में भंग पड़ गया है।
18 साल के कम के बच्चे नहीं होंगे शामिल
हाईकोर्ट ने आदेश दिया है कि 18 साल से कम उम्र के बच्चों के दहीकाला उत्सव में शामिल न करने के साथ ही दहीहांडी 20 फुट से ज्यादा ऊंचाई पर नहीं टांगने का भी आदेश दिया है।
इसके साथ ही सेफ्टी किट, कुशन, बेल्ट, जैकेट आदि सुरक्षा अनिवार्य कर दी गई है। इस आदेश के बाद दहीहांडी का मेगा उत्सव आयोजित करने वाले विधायकों ने भी तौबा कर ली है।
विले पारले से कांग्रेस विधायक कृष्णा हेगड़े और ठाणे के शिवसेना विधायक प्रताप सरनाईक ने इस साल उत्सव नहीं मनाने का निश्चय किया है।
दो बच्चों की मौत के बाद कोर्ट सख्त
मुंबई की तुलना में ठाणे शहर में बड़ा दहीहांडी उत्सव होता है लेकिन इस बार उत्सव फीका रहने की संभावना है। कृष्ण जन्माष्टमी के दूसरे दिन मुंबई में बड़े धूमधाम से दहीकाला उत्सव मनाया जाता है।
गोविंदा ईनाम के लिए ऊंचाई पर टंगी दहीहांडी को कई थर लगाकर फोड़ते हैं। सबसे ऊंचाई पर 12 से लेकर 15 साल का बाल गोविंदा होता है जिसके घायल होने की ज्यादा संभावना होती है।