राजनीतिक रसूख के आगे व्यवस्था कितनी विवश हो सकती है, जिला जेल के अधिकारियों के अल्टीमेटम से इसका पता चलता है। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव का रिश्तेदार बताए गए हत्यारोपी सौरभ यादव ने उनकी नाक में इतना दम कर दिया है कि उन्होंने गुहार लगाई कि या उसे किसी और जेल स्थानांतरित किया जाए अथवा उन्हें।
जेल स्टाफ ने ऐसा न होने पर सामूहिक अवकाश पर जाने की चेतावनी भी दी। इसी के मद्देनजर डीआईजी जेल केदारनाथ देर शाम जेल पहुंचे।
जेल अधिकारियों ने गुरुवार रात नौ बजे डीएम निधि केसरवानी से उनके आवास पर भेंट की और बताया कि जेल में भूख हड़ताल व हंगामों के पीछे बंदी सौरभ यादव का हाथ है। उन्होंने साफ कहा कि उसके रहते जेल में व्यवस्था नहीं संभाल सकती। इस बारे में दिए गए पत्र पर जेल अधीक्षक ओपी कटियार, जेलर जेलर एएन त्रिपाठी, डिप्टी जेलर संजय सिंह, संजय कुमार सहित 18 बंदीरक्षकों के हस्ताक्षर हैं।