यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन ने टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंस (टीआईएसएस) के साथ कोचिंग संस्था सुपर-30 के बारे में एक अध्ययन किया है।
गरीब छात्रों को भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) में प्रवेश दिलाने के लिए मुफ्त में कोचिंग देने वाली संस्था सुपर-30 देश और दुनिया में काफी चर्चित है।
ब्रिटिश यूनिवर्सिटी ने सुपर-30 के जरिए सामाजिक बदलाव के लिए शिक्षा के इस्तेमाल के बारे में अध्ययन किया। जाने माने गणितज्ञ आनंद कुमार के नेतृत्व में संचालित सुपर-30 में समाज के निचले तबके के छात्रों को मुफ्त में रहने, खाने के साथ कोचिंग की सुविधा मुहैया करवाई जाती है।
साल 2002 में शुरू इस संस्था के 30 में से 28 छात्रों ने इस साल आईआईटी की प्रवेश परीक्षा पास की है। इस अध्ययन का खर्च ब्रिटिश काउंसिल ने अपने यूके इंडिया एजुकेशन एंड रिसर्च इनिशिएटिव के तहत उठाया है।
अध्ययन के दौरान छात्रों के साथ समय बिताने वाले शोधकर्ताओं ने यह जानने की कोशिश की कैसे निचले तबके के ये छात्र सुपर 30 की कोचिंग के जरिए अपने सपने को साकार करते हैं।
शोधकर्ताओं का कहना है कि यह एक शानदार केस स्टडी है। इससे यह समझने में मदद मिलती है कि कैसे शिक्षा का इस्तेमाल सामाजिक बदलाव के लिए किया जा सकता है।