अभी तक दूसरों की पीएचडी की जांच करने वाला यूजीसी पर ही सवाल उठ गए है। यूजीसी चेयरमैन की पत्नी की पीएचडी को लेकर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस भेजा है।
विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के अध्यक्ष प्रोफेसर वेद प्रकाश की पत्नी की पीएचडी डिग्री पर उठे सवालों पर सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को विचार करने पर सहमति जता दी।
डिग्री नियमों के मुताबिक प्रदान की गई है या नहीं, सर्वोच्च अदालत इस पर गौर करेगा। दिल्ली हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती देने वाली याचिका पर जस्टिस आरएम लोढ़ा की अध्यक्षता वाली पीठ ने यूजीसी चेयरमैन की पत्नी शिमला, यूजीसी और जामिया हमदर्द डीम्ड यूनिवर्सिटी को नोटिस जारी किया, जहां उन्होंने 2008 में पीएचडी करने के लिए प्रवेश लिया था।
पीठ के समक्ष एनजीओ सोसाइटी फॉर वैल्यू एंड एथिक्स इन एजूकेशन की ओर से पेश हुए अधिवक्ता पीयूष शर्मा ने कहा कि शिमला को पीएचडी की डिग्री प्रदान की जा चुकी है, जो नियमों के विपरीत है।
इसके बावजूद हाईकोर्ट ने इस मामले में विचार करने से इंकार कर दिया। संक्षिप्त सुनवाई में पीठ ने अधिवक्ता की दलीलों को स्वीकार करते हुए लोकसभा के महासचिव और हरियाणा राज्य यूनिवर्सिटी के चांसलर समेत अन्य सभी पक्षकारों को नोटिस जारी किया।
सर्वोच्च अदालत से अधिवक्ता ने कहा कि शिमला ने फुलटाइम नौकरी के साथ बिना कोई छुट्टी लिए दिल्ली, जामिया से पीएचडी कर ली।