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'शिवसेना बाप है, भाजपा को झुकना ही पड़ेगा'

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शिवसेना बाप है और उसके सामने झुकना ही पड़ेगा। शिवसेना की दशहरा रैली में शिवसेना प्रवक्ता संजय राउत ने यह तंज बीजेपी पर कसा। एक दिन पहले शिवसेना भवन के बाहर लगाए गए पोस्टर में बीजेपी के बड़े नेताओं को दिवंगत शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे के सामने झुकते हुए दिखाया गया था।
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इस पर बवाल मचने के बाद शिवसेना ने पोस्टर हटा लिए थे। लेकिन, दशहरा रैली में संजय राउत ने मन की बात बयां कर दी। वहीं, पार्टी अध्यक्ष उद्धव ठाकरे ने एक बार फिर भाजपा को निशाना बनाया।

हालांकि, भाजपा पर हमलावर होने के बावजूद उद्धव ने सरकार से बाहर होने की अटकलों को सिरे से खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि सत्ता में कितने समय तक रहना है यह हमें अच्छी तरह पता है। उन्होंने कहा कि भाजपा को कश्मीर में मुफ्ती मोहम्मद सईद चला सकते हैं तो पार्टी शिवसेना को भी समझने का प्रयत्न करे। शिवसेना के गठन का यह 50 वां वर्ष है। इसलिए इस बार शिवाजी पार्क में दशहरा रैली की जमकर तैयारी की गई थी।
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लोगों से खचाखच भरे पार्क में उद्धव ठाकरे ने दादरी की घटना से लेकर मुंबई में पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री खुर्शीद महमूद कसूरी के विरोध के घटनाक्रम का जिक्र करते हुए भाजपा पर चौतरफा हमला बोला।
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'हिम्मत है तो देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करो'

शिवसेना की स्वर्णजयंती वर्ष की दशहरा रैली में उन्होंने कहा कि यह ऐसी रैली है जिस पर शत्रु और मित्र दोनों की निगाहें हैं। उन्होंने दादरी की घटना पर कहा कि कब तक किसी के घर में जाकर गाय के मांस ढूंढोगे, हिम्मत है तो देश को हिंदू राष्ट्र घोषित करो। समान नागरिक संहिता लागू करो।

उन्होंने हरियाणा के मुख्यमंत्री के गोमांस की टिप्पणी पर कहा कि मोदी सरकार के गृह राज्यमंत्री गोमांस खाते हैं तो क्या उन्हें पाकिस्तान भेज देंगे। साथ ही भाजपा को नसीहत दी कि गाय पर चर्चा करने के बजाए महंगाई पर चर्चा करो। उन्होंने याद दिलाया कि इससे पहले राजग की सरकार में आवश्यक वस्तुओं की कीमतें स्थिर थी। इस बार इतनी महंगाई कैसे आ गई।

उद्धव ठाकरे का पूरा भाषण हिंदुत्व के मुद्दे के इर्द गिर्द ही घूमता रहा। उन्होंने राम मंदिर के मुद्दे पर बीजेपी की खिल्ली उड़ाते हुए कहा कि यह वही भाजपा है जो कहती है कि मंदिर वहीं बनाएंगे लेकिन तारीख नहीं बताएंगे।

मोदी सरकार के मंत्री जनरल वीके सिंह दलितों की तुलना कुत्तों से करते है तो मोदी ने मुंबई के इंदूमिल में डॉ. अंबेडकर स्मारक का भूमिपूजन क्यों किया। इस सरकार से जनता को काफी अपेक्षाएं हैं। यदि सरकार नाकाम हुई तो देश का क्या होगा इसका अंदाजा लगाया जा सकता है।
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