24 घंटे बाद ही धर्मांतरण मामले में मुस्लिम परिवारों ने यू-टर्न ले लिया है। हवन में आहुति डालकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा करने वाले लोगों ने धर्म परिवर्तन को नकार दिया है। वे इससे ज्यादा कुछ भी बोलने को तैयार नहीं हैं। बस्ती के ठेकेदार (सर्वेसर्वा) की पत्नी ने हिंदूवादी संगठन पर गुमराह करने और डराने का आरोप लगाया है।
उसका कहना है कि उनसे पूजा में बैठने पर बीपीएल कार्ड बनवाने का लालच दिया गया था। धर्म जागरण और बजरंग दल का कहना है कि किसी को गुमराह नहीं किया। बीपीएल कार्ड बनवाने का जो वाद किया था, वे उसे पूरा करेंगे।
बता दें कि सोमवार को देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में रहने वाले लगभग 37 मुस्लिम परिवारों ने हवन में आहुति डालकर और कलाई में कलावा बंधवाकर हिंदू धर्म अपनाने का दावा किया था। बस्ती के बहुत से लोगों ने इस संबंध में स्वेच्छा से बयान भी दिया था। मंगलवार सुबह इन्होंने धर्मांतरण को नकार दिया।
वहीं ताजा सूचना के अनुसार मामले में प्रशासन ने भी जांच शुरू कर दी है। ऐसे में इस मामले को लेकर आगे आगे राजनीति और तेज होती दिख रही है। मामले को संसद में उठाने की भी तैयारी चल रही है।
बस्ती के ठेकेदार ने लगाया लालच देने का आरोप
सोमवार को धर्मांतरण का कार्यक्रम आयोजित करवाने वाले बस्ती के ठेकेदार स्माइल की पत्नी मुनिरा बेगम ने कहा कि वह अब भी मुस्लिम ही हैं। मुनिरा का कहना है कि हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने उसके पति (स्माइल) को गुमराह किया। उनसे उन्होंने बीपीएल कार्ड का लालच देकर सभी लोगों को पूजा में बैठने के लिए कहा था।
जानकारी होने पर पूजा से क्यों नहीं उठे? सवाल पर मुनिरा का कहना है कि वे लोग काफी डरे हुए थे। पुलिस से शिकायत करने के सवाल पर भी यही जवाब दिया। उधर, ठेकेदार स्माइल का कहना है कि उससे फोटो खिंचवाने की बात कही गई थी। उसे नहीं पता था कि उससे या बस्ती के लोगों से धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है।
दूसरी ओर धर्म जागरण के प्रांत संयोजक नंदकिशोर का कहना है कि हमने किसी को गुमराह नहीं किया। अधिकांश लोगों के वोटर कार्ड बने हुए हैं। हमने सिर्फ धर्म परिवर्तन करने वालों से बीपीएल कार्ड बनवाने का आश्वासन दिया था, जिस पर अभी भी हम कायम हैं।
वहीं बजरंग दल के प्रांत सह संयोजक अज्जू चौहान का कहना है कि अगर हम डराते तो यह लोग बाद में भी मीडिया या पुलिस के समक्ष अपनी स्थिति बयां कर सकते थे। बस्ती के लोग अपनी मर्जी से आए थे। इन सभी ने आर्य समाज के फार्म भी भरे हैं, जो सुरक्षित रखे गए हैं।
पूजा से नहीं, नमाज से दिन की शुरुआत
सोमवार को जिस बस्ती में मंत्रोच्चारण गूंज रहे थे, मंगलवार को वहां अल्लाह की अजान गूंजी। जिस कमरे को मंदिर की शक्ल दी गई थी, उस पर ताला लटक गया। बस्ती में छाई धर्मांतरण की धुंध 24 घंटे बाद पूरी तरह से छट चुकी थी। हवन सामग्री की सुगंध और भगवा रंग की जगह कबाड़े से उठती दुर्गंध और कचरे के ऊंचे ढेर नजर आ रहे थे।
देवरी रोड स्थित देव नगर के पीछे बस्ती में सोमवार को धर्मांतरण कार्यक्रम था। मंगलवार को पूरे 37 मुस्लिम परिवारों के दिन की शुरुआत अल्लाह की इबादत से हुई। एक युवक ने बताया कि उसने धर्म परिवर्तन नहीं किया है, वह मुस्लिम ही है।
ठेकेदार इस्माइल की पत्नी मुनिरा बेगम का कहना था कि हवन-पूजन के बाद जब लोग अपनी झोपड़ियों में पहुंचे तो काफी परेशान थे। उसका कहना था कि पूजा-पाठ करने पर दुख हो रहा था। उसका कहना था कि देर रात तक लोग सोए नहीं थे।
हिंदू के कमरे में रखी मूर्ति!
बस्ती के लोगों ने बताया कि जिस कमरे में हिंदूवादी संगठनों ने दुर्गा माता की मूर्ति रखी है, दरअसल वह एक हिंदू का कमरा है। यह व्यक्ति गैराज में काम करता है और रात में कभी-कभी आता है। ठेकेदार इस्माइल के अनुसार, हिंदूवादी संगठन से जुड़े लोगों ने उससे कहा था कि बस्ती में मंदिर स्थापित करवाने पर वह उसकी हर मदद करेंगे, उसने इससे मना कर दिया था। इस मूर्ति को हिंदू के कमरे में रखवाया गया था। फिलहाल इस कमरे पर ताला लटका हुआ है।