मुजफ्फरनगर में मंसूरपुर के नरा गांव में स्थित गंदे नाले के पुल से होकर आधार कार्ड बनवाने जा रहीं तीन महिलाएं सुपर एक्सप्रेस की चपेट में आ गईं। जिसमें दो की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल हो गई। वहीं दो महिलाओं ने पुल से नीचे कूदकर जान बचाई। घायल महिला को मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
मंसूरपुर थाना क्षेत्र के गांव अजमतगढ़ निवासी पांच महिलाएं राजकली (62) पत्नी रामपाल सैनी, बिशंभरी (65) पत्नी रामचंदर सैनी, उसकी पुत्र वधू ममता (32)पत्नी तेजपाल, सुमन पत्नी धीर सिंह, उसकी बहन सावित्री पत्नी धारा सैनी शुक्रवार पूर्वाहन करीब 11.30 बजे अपने गांव से पैदल निकटवर्ती गांव नरा में आधार कार्ड बनवाने और बैंक से पास बुक लेने जा रही थीं। सभी जब नरा गांव से पहले गंदे नाले पर स्थित रेलवे के लाल पुल को पार कर रही थीं, तभी अचानक सामने से सुपर एक्सप्रेस आ गई। ट्रेन को देखते ही सुमन और सावित्री पुल से नीचे नाले में कूद गईं, जबकि बाकी तीन ट्रेन की चपेट में आ गईं।
तीनों को तेज टक्कर लगी और वह भी नाले में गिर पड़ीं। राजकली और बिशंभरी की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि ममता गंभीर घायल हो गई। हादसे को देख वहां पर खेतों काम कर रहे नरा निवासी हाफिज नूर हसन, सुनील, ओमपाल, दिलशाल, लीला आदि ग्रामीणों ने मौके पर आकर पुलिस को हादसे की जानकारी दी। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया, जबकि घायल ममता को गंभीर हालत में मेरठ के सुभारती अस्पताल में भर्ती कराया गया है। ग्राम प्रधान रणधावा की ओर से पुलिस ने हादसे की रपट इत्तलाई दर्ज की है।
सबक नं 2- चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश न करें
अमरोहा में रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार की दोपहर चलती हुई काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस में चढ़ते वक्त ट्रेन से गिरकर वन विभाग के रेंजर की दर्दनाक मौत हो गई। रेंजर उड़नदस्ता टीम के प्रभारी थे और बरेली अपने घर जा रहे थे। वन विभाग के कर्मचारी भी मौके पर पहुंच गए। हादसे की सूचना परिजनों को दे दी है। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
बरेली की न्यू दुर्गानगर कालोनी निवासी प्रेम प्रकाश सिंह (59) पुत्र लाल सिंह अमरोहा में रेंजर के पद पर तैनात थे। शुक्रवार की दोपहर करीब ढाई बजे वह घर जाने के लिए रेलवे स्टेशन पहुंचे। काशी विश्वनाथ एक्सप्रेस स्टेशन से चल चुकी थी। उन्होंने दौड़कर गाड़ी पकड़ने की कोशिश की, लेकिन पांव फिसलने के कारण वह प्लेटफार्म पर ही गिर गए।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार प्लेटफार्म पर गिरने के बाद रेंजर लुढ़ककर पटरियों पर गिर गए और ट्रेन से कटकर उनकी दर्दनाक मौत हो गई। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर लोगों की मदद से शव को निकाला। तलाशी में जेब से निकले मोबाइल पर कॉल करने पर मृतक की शिनाख्त हुई। हादसे की सूचना परिजनों को दे दी गई है, जो बरेली से रवाना हो गए। जीआरपी ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
फरवरी 2015 में होना था रिटायरमेंट
रेंजर प्रेम प्रकाश सिंह का फरवरी 2015 में रिटायरमेंट होना था। पहले वह अमरोहा रेंज के वन क्षेत्राधिकारी पद पर थे। अभी हाल में उनके स्थान पर एके सिंह को भेजा गया था और प्रेम प्रकाश सिंह को उड़नदस्ते की कमान सौंपी गई थी।
पहले इनकार और बाद में बनाया मन
बकौल, सहकर्मी सुबह रेंजर का घर जाने का कोई प्लान नहीं था और वह शनिवार को घर जाने की बात कह रहे थे। लेकिन अचानक क्या हुआ, जो उन्होंने घर की दौड़ लगा दी, इसका जवाब कोई नहीं दे सका।