महाराष्ट्र के विरार में एक निजी स्कूल में तीन छात्रों के आत्महत्या के मामले में पुलिस ने स्कूल के ही दो शिक्षकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि इन्ही शिक्षकों के उकसावे के बाद बच्चों ने आत्महत्या की।
मामला विरार के वगध गुरुकुल इंटरनेशनल स्कूल का है। जहां स्कूल के ही तीन छात्रों कुशल दाघा, मीत छाड़वा और प्रहुल पटेल के शव स्कूल के पीछे बहने वाली सुख नदी से बरामद किए गए थे। मृतक तीनों छात्रों की उम्र 14 साल थी और ये नौंवीं कक्षा के छात्र थे।
विरार थाने के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी सुनील माने के मुताबिक स्कूल के ही दो शिक्षकों रिपुसूदन शिवकुमार गर्ध (32) और संदीप जन्य पालवा (26) को इन छात्रों को आत्महत्या के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार किया गया।
दो शिक्षकों पर आरोप
पुलिस अधिकारी ने बताया कि मरने वाले बच्चों में से एक बच्चे के पिता ने आरोप लगाया कि इन तीनों बच्चों को शिक्षकों ने उनके खराब प्रदर्शन के लिए पीटा था।
बच्चे के पिता के मुताबिक शिक्षकों की पिटाई से तंग आकर और तनाव के चलते छात्रों ने सोमवार को अपने बोर्डिंग स्कूल की दीवारें फांदकर भागने का फैसला किया।
पुलिस अधिकारी सुनील माने ने आगे बताया कि स्कूल प्रबंधन ने तीनों बच्चों को स्कूल से गायब होने की शिकायत दर्ज कराई थी और फिर तीनों की खोज शुरू हुई। इसी जांच के दौरान बुधवार को तीनों बच्चों के शव पास की नदी से तैरते हुए मिले।
विरार पुलिस ने पूरे मामले में तुरंत केस दर्ज करते हुए जांच शुरू की। उन्होंने इस मामले में स्कूल के बाकी के छात्रों और उनके परिजनों से पूछताछ की गई।
मामले में खामोश स्कूल प्रशासन
पुलिस अधिकारी सुनील माने के मुताबिक मृतक छात्र मीत के पिता सुरेश ए छाड़वा की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी दोनों शिक्षकों को गिरफ्तार कर लिया है।
विरार पुलिस ने दोनों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 305 (बच्चों को आत्महत्या के लिए उकसाना), धारा 324 (घातक हथियारों या किसी और साधन से जानबूझकर नुकसान पहुंचाना) और किशोर न्याय कानून, 2000 की धारा 23 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
फिलहाल पूरे मामले पर स्कूल प्रशासन की ओर से कोई प्रतिक्रिया अभी तक नहीं आई है। बता दें कि ये स्कूल इस इलाके में पिछले 10 साल से चल रहा है। जिसमें करीब 100 छात्र हैं।