लोकसभा के बाद अब राज्यसभा में भी हंगामा कर रहे तेलगू देशम पार्टी (टीडीपी) के सांसद वाईएस चौधरी और सीएम रमेश पर निलंबन की तलवार लटक गई है।
शुक्रवार को कोयला घोटाले की गायब फाइलों पर चर्चा ही इन दोनों के हंगामे की वजह से आगे नहीं बढ़ी। प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी चर्चा के बीच हस्तक्षेप करने के लिए सदन में काफी देर बैठे रहे।
दोनों खुद सभापति को अपना निलंबन करने की खुली चुनौती दे रहे हैं। सरकार और कांग्रेस तो निलंबन के पक्ष में है। मगर विपक्षी पार्टियों ने इसका समर्थन नहीं किया है।
सूत्रों का कहना है कि सोमवार को भी अगर इन सांसदों ने हंगामा जारी रखा तो सभापति अपने अधिकार का प्रयोग कर इन्हें निलंबित कर देंगे। विपक्ष भी इसके लिए सैद्धांतिक रूप से मान गया है।
नियम-255 के तहत सभापति को निलंबन का अधिकार होता है। कुरियन ने निलंबन के लिए सदन की राय भी लेनी चाही। मगर भाजपा, सपा, अन्नाद्रमुक और तृणमूल कांग्रेस के सांसदों ने निलंबन का विरोध किया। कुरियन ने कहा कि यह तो दोहरे मापदंड है।
एक तरफ आप कोयला घोटाले पर चर्चा की मांग करते हो। मगर हंगामा करने वालों के निलंबन की बात को समर्थन नहीं करते।
दर्जन भर सांसदों पर गिरी गाज
इससे पहले स्पीकर मीरा कुमार ने बेहद कड़ा और असाधारण फैसला लेते हुए विपक्ष की सहमति से तेलंगाना मामले में सत्र के पहले दिन से ही कार्यवाही में बाधा डाल रहे 12 सांसदों को पांच दिन के लिए निलंबित कर दिया है। इनमें से आठ सांसद कांग्रेस के तो चार टीडीपी के हैं।
वर्तमान लोकसभा में सांसदों के निलंबन का यह पहला मामला है। इससे पहले 14वीं लोकसभा में पैसा ले कर सवाल पूछने के आरोप में कई सांसदों को निष्कासन तक झेलना पड़ा था।
इनका हुआ निलंबन
अनंत वेंकटरामी रेड्डी, एल राजगोपाल, जीवी हर्ष कुमार, श्रीनिवासुलू रेड्डी, अरुण वुंडावल्ली, ए साईप्रताप, के नारायणराव, एम वेणुगोपाल रेड्डी, एन शिवप्रसाद, एन क्रिस्टप, बापीराजू कानुमुरु और सब्बम हरि।
क्या कहता है 374(ए)
आसन के समक्ष आ कर किसी भी तरीके से जानबूझ कर सभा की कार्यवाही बाधित के उद्येश्य से घोर अव्यवस्था उत्पन्न करने की स्थिति में अध्यक्ष जिस सदस्य का नाम लेगा, वह लगातार पांच बैठकों या सत्र की शेष अवधि के लिए जो भी कम हो स्वत: निलंबित हो जाएगा।
दो और सांसदों पर गिरी गाज
सरकार ने बृहस्पतिवार को जो प्रस्ताव पेश किया था, उसमें दस सांसदों के नाम थे। मगर शुक्रवार को अध्यक्ष ने इस सूची में दो और सांसदों बापीराजू कानुमुरू और सब्बम हरि का नाम जोड़ दिया। ये दोनों सांसद बृहस्पतिवार को सदन में नहीं थे।