दिल्ली पुलिस के कांस्टेबल सुभाष तोमर की मौत के मामले में एक नया चश्मदीद सामने आया। चश्मदीद का दावा है कि प्रदर्शनकारियों ने सुभाष तोमर की पिटाई की थी, जिससे उन्हें चोट आई।
बुलंद शहर के निवासी सलीम ने बताया है कि जब तोमर पर हमला हुआ, वह वहीं मौजूद था। उसने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने कांस्टेबल सुभाष तोमर पर हमला किया और उनकी पिटाई की।
उसके मुताबिक कांस्टेबल को एक पत्थर लगा था जिसके बाद वह गिर पड़े थे। बाद में तीन युवकों ने उनकी डंडों और जूतों से काफी पिटाई की थी।
वहीं, सुभाष तोमर की मौत के मामले में दिल्ली क्राइम ब्रांच ने प्रत्यक्षदर्शी योगेंद्र तोमर और पाओलिन को नोटिस भेजा है। क्राइम ब्रांच ने दोनों चश्मीदीदों को पूछताछ के लिए बुलाया है।
उल्लेखनीय है कि मंगलवार को योगेंद्र ने दावा किया था कि कांस्टेबल सुभाष उनके सामने भागते हुए आए थे और गिर पड़े। योगेंद्र ने एक टीवी चैनल को बताया कि तोमर की पिटाई किसी प्रदर्शनकारी ने नहीं की थी।
योगेंद्र का कहना था कि उन्होंने खुद कांस्टेबल की मदद भी की। घटनास्थल पर कोई एंबुलेंस नहीं था इसलिए उन्होंने इसकी सूचना पुलिस को दी। बाद में पुलिस की मदद से कांस्टेबल को अस्पताल में भर्ती कराया गया।
एक और प्रत्यक्षदर्शी पाओलिन ने टीवी चैनल को बताया कि सुभाष चंद तोमर खुद गिरे थे। भीड़ के दौरान सुभाष ने अपना संतुलन खो दिया और गिर पड़े। मेरे अलावा कुछ और लोगों ने उनकी मदद भी की। इस दौरान उन्हें शरीर कोई चोट नहीं लगी। हालांकि दो मिनट बाद ही पुलिस भी वहां पहुंच गई।
इधर दिल्ली पुलिस ने दावा किया है कि सुभाष चंद तोमर की मौत सीने पर लगी चोट के बाद पड़े दिल का दौरे के कारण हुई। सुभाष चंद तोमर की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आ गई है।
रिपोर्ट का हवाला देते हुए दिल्ली पुलिस ने बताया कि सुभाष तोमर को किसी चीज से सीने पर चोट लगी, जिसके बाद उन्हें दिल का दौरा पड़ा। दिल का दौरा पड़ने से ही उनकी मौत हुई।
पुलिस ने बताया कि सुभाष के पैर में भी चोट आई थी। वहीं, राम मनोहर लोहिया अस्पताल के मेडिकल सुपरिटेडेंट डॉ. पीएस सिद्धू ने बताया कि सुभाष चंद तोमर को जब अस्पताल लाया गया तब उनकी हालत काफी गंभीर थी लेकिन उनके शरीर पर किसी गंभीर चोट के निशान नहीं थे।
दिल्ली पुलिस ने कांस्टेबल की मौत के लिए कुछ प्रदर्शनकारियों को जिम्मेदार ठहराया है। दिल्ली पुलिस कमिश्नर नीरज कुमार ने पत्रकारों को बताया कि तोमर की मौत गले, छाती और पेट में लगी अंदरूनी चोट की वजह से हुई। इस मामले में हत्या का मुकदमा दर्ज कर 8 लोगों को गिरफ्तार किया गया था, बाद में इन लोगों को जमानत मिल गई।
कांस्टेबल की मौत पर विवाद को देखते सरकार ने क्राइम ब्रांच से कांस्टेबल की मौत की जांच कराने का फैसला किया है। वहीं गृह मंत्रालय ने सुभाष चंद तोमर के परिवार को 10 लाख रुपये मदद देने का ऐलान किया है।