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जिनकी मौत पर हुआ बवाल, वो प्रेमियों संग जिंदा मिलीं

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जालौन जिले के मुख्यालय उरई में जिन दो बहनों की हत्या के मामले में दो दिन पहले पूरे दिन कस्बा सुलगा, बवाल हुआ, एसपी तक सस्पेंड हुए, वह दोनों बहनें अपने प्रेमियों के संग गाजियाबाद में जिंदा मिलीं।
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आईजी कानपुर जोन आशुतोष पांडे की अगुवाई में चल रही छानबीन और मोबाइल सर्विलांस के जरिए पुलिस इन तक पहुंच सकी। दोनों बहनों और उनके प्रेमियों को बुधवार रात ट्रांजिट हाल्ट पर कानपुर लाया गया।

पुलिस दोनों बहनों को नाबलिग मान रही है। प्रेमियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पूछताछ की जा रही है। अब सवाल यह उठ रहा है कि उरई में नून नदी में जिन दो लड़कियों की बोरे में बंद लाशें मिली थीं, वो कौन थीं।
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पिता ने कपड़े और शारीरिक बनावट का हवाला देकर दोनों को क्यों पहचाना? यह वारदात किसकी साजिश का हिस्सा है? फिलहाल पुलिस ने दोनों बहनों के पिता और मां को भी पूछताछ के लिए हिरासत में ले लिया है।

फिर किसकी थी वो लाशें?

आईजी ने बुधवार रात अपने कैंप कार्यालय में प्रेस वार्ता कर दोनों बहनों के जिंदा होने और प्रेमियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी। इसके अलावा पुलिस अब अपनी तफ्तीश में क्या करने जा रही है, इसके भी संकेत दिए।

दोनों बहनें 24 सितंबर को संदिग्ध हालात में लापता हुई थीं। पिता ने उरई कोतवाली में जालौन कठौंद निवासी गौरव चतुर्वेदी, उनके पिता जयहिंद चतुर्वेदी, राजा एवं अतुल गुप्ता को नामजद कर एफआईआर कराई थी।

चार अक्तूबर को चुर्की थानाक्षेत्र में दो लड़कियों के शव बोरे में बरामद हुए थे। दोनों बहनों के पिता ने लिखित प्रार्थना पत्र देकर शवों की शिनाख्त अपनी बेटियों के रूप में करने का दावा किया था।

अगले दिन उरई में भारी बवाल हुआ। जैसे-तैसे हालात सामान्य करने के बाद पुलिस ने अपनी तफ्तीश हत्यारोपियों की गिरफ्तारी की ओर मोड़ी। बुधवार सुबह गाजियाबाद जिले में दोनों बहनें अपने प्रेमियों गौरव चतुर्वेदी और अतुल गुप्ता के साथ एक कमरे में बरामद हुईं। गौरव शादीशुदा है।
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पुलिस के सामने अब कई सवाल?

आईजी ने बताया कि पहली बाहर 31 अगस्त को बड़ी बहन को गौरव चतुर्वेदी भगा ले गया था। तब रिपोर्ट के बाद भी पुलिस ने गंभीरता से कार्रवाई नहीं की।

बरामदगी होने पर अपहृता ने 164 के बयान में गौरव पर बलात्कार का आरोप लगाया था। पर, गिरफ्तारी में पुलिस गंभीर नहीं रही। 24 सितंबर की रिपोर्ट के बाद भी गंभीरता नहीं दिखाई गई। लिहाजा पुलिस महकमे को ऐसी हालात का सामना करना पड़ा।

अब दोनों बहनों की सकुशल बरामदगी के बाद पुलिस के सामने कई सवाल खड़े हो गए हैं। पुलिस की टीमें पूछताछ और साक्ष्य संकलन के जरिये मामले को सुलझा लेंगी।

आईजी ने बताया कि दोनों बहनों के दुबारा मेडिकल और 164 के बयान कराएंगे। दोनों आरोपी लड़कों का गैर जमानती वारंट पुलिस पहले ही ले चुकी है। जो निर्दोष शख्स जेल गए हैं, उन्हें 169 की रिपोर्ट से जेल से बाहर कराया जाएगा।
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