दिल्ली में चलती बस में हुई गैंगरेप की वारदात में पहली बड़ी कार्रवाई की गई है। दिल्ली के उपराज्यपाल तेजेंदर खन्ना ने घटना के वक्त दिल्ली पुलिस के एसीपी ट्रैफिक और एसीपी पीसीआर को सस्पेंड कर दिया है।
उन्होंने दोनों अधिकारियों के सुपरवाइजिंग ऑफिसर यानी डीसीपी को कारण बताओ नोटिस भेजकर उनसे स्पष्टीकरण भी मांगा है। संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा है कि नोटिस का जवाब मिलने के बाद उन पर कार्रवाई का निर्णय लिया जाएगा।
तेजेंदर खन्ना ने कहा कि उन्होंने आज दिल्ली वापस आते ही महिला संगठनों के साथ बातचीत की जिसके बाद अफसरों पर कार्रवाई का निर्णय लिया गया।
खन्ना ने बताया कि दिल्ली के सभी थानों के लिए ये जरूरी कर दिया गया है कि अगर कोई महिला शिकायत के लिए आती है तो उसकी शिकायत जस की तस दर्ज की जाए।
खन्ना ने कहा कि दिल्ली में 80 हजार पुलिस कर्मी हैं। सभी के लिए ये जरूरी कर दिया गया है कि वे महिलाओं के साथ व्यवहार में शालीनता और सौम्यता लाएं। अगर किसी भी पुलिसकर्मी के खिलाफ एक भी शिकायत आई तो उसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
खन्ना ने कहा कि दिल्ली में सुधीर यादव को स्पेशल कमिश्नर तैनात किया गया है जो महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर कार्रवाई करेंगे। वो 24 घंटे महिला संगठनों के लिए या शिकायत के लिए उपलब्ध रहेंगे।
उनका फोन नंबर और ईमेल आईडी भी सार्वजनिक किया गया है। हर तीन महीने में इसकी समीक्षा बैठक होगी।