गैंगरेप के तीन आरोपियों को आज साकेत कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने दो आरोपियों विनय और पवन को चार दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया, जबकि मुकेश को न्यायिक हिरासत में भेजा गया।
इससे पहले साकेत कोर्ट में पेशी के बाद मुख्य आरोपी राम सिंह के भाई मुकेश कुमार में आइडेंटीफिकेशन परेड की स्वीकृति दे दी, जबकि दो अन्य आरोपी विनय और पवन ने अपना गुनाह कबूल करते हुए आइडेंटीफिकेशन परेड से इनकार कर दिया।
विनय ने अदालत में कहा कि उसने गुनाह किया है, उसे फांसी दे दी जाए। विनय ने कहा कि उसने लड़के पर हमला किया था लेकिन लड़की को उसने नहीं मारा।
आरोपियों का वसंत विहार थाने से साकेत कोर्ट लाया गया था। वहीं, गैंगरेप के मुख्य आरोपी राम सिंह ने पुलिस की पूछताछ में कहा है की उसे अपने किए पर कोई पछतावा नहीं है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि लड़की के साथ बलात्कार करने से पहले छह आरोपियों ने जमकर शराब पी थी। आरोपी राम सिंह ने बताया कि रविवार की रात वे मस्ती करने निकले थे। उसने बताया कि उसको तब गुस्सा ज्यादा आया जब लड़की ने उसके हाथों में अपने दांतों से काट लिया।
राम सिंह ने बताया कि लड़की ने अपना बचाव करते हुए राम सिंह के हाथों में काट लिया। इसके बाद राम सिंह को अपने गुस्से पर काबू नहीं रहा और उसने लड़की को उसके दोस्त के साथ गाड़ी से नीचे फेंक दिया।
मीडिया रिपार्टों में ये भी कहा जा रहा है कि रविवार की रात गैंगरेप से पहले आरोपी बस ड्राइवर राम सिंह ने राम आधार नामक व्यक्ति को अपनी बस में लिफ्ट देकर उसका सारा सामान लूट लिया था।
दिल्ली हाई कोर्ट ने लिया मामले का संज्ञान
दिल्ली हाई कोर्ट ने इस मामले पर स्वतः संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस को जमकर फटकार लगाई है। कोर्ट ने पुलिस को मामले में दो दिनों के भीतर स्टेटस रिपोर्ट पेश करने का आदेश दिया है।
हाईकोर्ट ने दिल्ली सरकार को पीड़ित और उसके मित्र को इलाज की सुविधाएं मुहैया कराने को कहा। हाई कोर्ट ने पुलिस आयुक्त से दो दिन में उस इलाके की पुलिस गश्त का ब्यौरा देने को भी कहा जहां चलती बस में 40 मिनट तक लड़की के साथ सामूहिक बलात्कार किया गया।
पांचवां आरोपी भी गिरफ्तार
गैंगरेप के मामले में पुलिस ने पांचवे आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अक्षय ठाकुर को बिहार के औरंगाबाद जिले से हिरासत में लिया गया है। पुलिस आरोपी को दिल्ली लेकर आ रही है।