मेडिकल साइंस के क्षेत्र में डॉ. अंशु जिंदल और डॉ. सुनील जिंदल ने नया अध्याय लिखा है। अनुवांशिक रूप से पुरुष और शारीरिक रूप से महिला ने लंबे इलाज के बाद जुड़वा बच्चों (लड़का और लड़की) को जन्म दिया।
डॉक्टर दंपति ने कहा कि मेडिकल साइंस के सामने यह एक बड़ी चुनौती थी, क्योंकि कई तरह की तकनीकी दिक्कतें थीं, लेकिन करीब ढाई से तीन साल के इलाज के बाद गुड़गांव निवासी ममता (बदला हुआ नाम) संतान सुख पाने में सफल रहीं।
उधर, डॉ. सुनील जिंदल ने अपने इस मेडिकल शोध को यूरोप के लिस्बन में होने वाली यूरोपियन सोसायटी ऑफ ह्यूमन री-प्रोडेक्टिव एंड नेफ्रोलॉजी की सालाना बैठक में रखे जाने के लिए भेजा है।