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भाजपा के हाथ से छूट गया बड़ा सियासी मौका

Thu, 02 Jul 2015 05:41 PM IST
हिमांशु मिश्रा/अमर उजाला, नई दिल्ली
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आईपीएल के पूर्व कमिश्नर ललित मोदी की ओर से फोड़े गए ट्विट बम से भाजपा में थोड़ी खुशी और थोड़े गम का माहौल है। एक ओर पार्टी जहां गांधी परिवार के दो सदस्यों के बाद सीधे कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी पर मोदी के हमले से खुश है, वहीं पूरे मामले में अपने सांसद वरुण गांधी का भी नाम आ जाने के कारण पार्टी कांग्रेस पर हमलावर नहीं हो पाई।
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पार्टी नेतृत्व ने इस नए खुलासे के बाद वरुण के पक्ष में खड़े होने के बदले उन्हें अपना बचाव खुद करने का निर्देश दिया है। हालांकि अरसे से गांधी परिवार के साथ वरुण और केंद्रीय मंत्री मेनका गांधी के सहज रिश्ते न होने के कारण पार्टी को ललित मोदी के इस खुलासे पर संदेह भी है।

उल्लेखनीय है कि ललित मोदी ने इस पूरे विवाद में गांधी परिवार के दो सदस्यों प्रियंका गांधी, उनके पति राबर्ट वाड्रा को लपेटने के बाद कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और भाजपा सांसद वरुण गांधी को भी लपेट लिया।
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सोनिया की बहन ने मांगे 375 करोड़!

उन्होंने ट्विट के माध्यम से दावा किया कि कुछ साल पहले लंदन में हुई एक मुलाकात में वरुण गांधी ने उन्हें विवादों बाहर निकालने का भरोसा देते हुए सोनिया गांधी की बहन से मिलने का सुझाव दिया था।

बकौल मोदी जब उनके मध्यस्थ ने सोनिया की बहन से इस सिलसिले में मुलाकात की तो उन्होंने विवाद से बाहर निकालने के लिए 375 करोड़ रुपये की मांग की थी।

कांग्रेस ने जहां इस दावे को झूठा करार दिया है, वहीं भाजपा ने इन आरोपों पर चुप्पी साध ली है। वरुण गांधी ने हालांकि ललित मोदी से लंदन में मुलाकात की पुष्टि की, मगर मोदी के अन्य सभी दावों को खारिज कर दिया।

लेकिन भाजपा को नहीं मिला मौका!

भाजपा ललित मोदी प्रकरण में पहली बार सीधे सोनिया गांधी का नाम आने के बाद भी हमलावर नहीं हो पाई। दरअसल सोनिया के साथ वरुण को भी विवाद में घसीट लेने के कारण पार्टी चाह कर भी इसे बड़ा सियासी मौका बनाने से चूक गई।

पार्टी के एक वरिष्ठ नेता के मुताबिक चूंकि गांधी परिवार के साथ वरुण के रिश्ते दशकों से सहज नहीं है। ऐसे में मोदी के इस दावे पर यकीन करना कठिन है कि वरुण ने अपनी चाची सोनिया गांधी के माध्यम से उसे विवाद से बाहर निकालने का कोई प्रस्ताव दिया होगा।

हालांकि उक्त नेता ने स्वीकार किया कि अगर ललित मोदी ने अपने ट्विट में सोनिया के साथ वरुण का नाम नहीं लिया होता तो पार्टी के लिए यह बड़ा सियासी मौका होता।
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वरुण के झूठे हैं आरोप, कांग्रेस ने भी किया दावा खारिज

इस बीच पार्टी ने विवादों में घिरने वाले नेताओं की सूची लगातार लंबी होने के कारण वरुण के बचाव में खुल कर न उतरने का मन बनाया है। पार्टी ने वरुण को अपना बचाव खुद करने का निर्देश दिया है।

नए खुलासे को वरुण गांधी ने आधारहीन और झूठा करार दिया है। उन्होंने कहा कि वह राजस्थान के विधायक जगत सिंह के साथ लंदन में ललित से मिले जरूर थे, मगर इस दौरान उनके सामने कोई प्रस्ताव नहीं रखा था।

उन्होंने कहा कि उस दौरान उन्हें मोदी से जुड़े विवादों की कोई खास जानकारी भी नहीं थी। उन्होंने मुलाकात को बेहद अनौपचारिक करार देते हुए कहा कि भाजपा में रहते वह विपक्ष की सरकार के साथ किसी सुलह सफाई का प्रस्ताव कैसे रख सकते हैं।

मोदी के दावे को कांग्रेस ने खारिज करते हुए इसे बे सिर पैर की बात बताया। पार्टी के वरिष्ठ नेता अभिषेक मनु सिंघवी ने कहा कि मोदी के इन दावों में कोई सच्चाई नहीं है। उन्होंने मोदी पर ट्विट के माध्यम से भ्रम फैलाने का आरोप लगाया।
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