पर्वतारोही तूलिका रानी ने नेपाल की चोटी अन्नपूर्णा में बेस कैंप पहुंचकर बहादुरी का परिचय दिया है। तूलिका ने वहां तिरंगे के साथ अमर उजाला का बैनर भी फहराया। तूलिका का दावा है कि सर्दियों में माइनस 10 डिग्री के तापमान में अकेले दम पर अन्नूपर्णा बेस कैंप में पहुंचने वाली वह पहली भारतीय पर्वतारोही हैं।
नेपाल की ऊंची चोटी अन्नपूर्णा के बेस कैंप की ऊंचाई 4,130 मीटर यानी 13,550 फीट है। यह दुनिया की दसवीं सबसे ऊंची चोटी है। सर्दियों में बेस कैंप तक ही चढ़ाई की जा सकती है।
आमतौर पर पर्वतारोही मौसम अनुकूल न होने के कारण गर्मियों में इस चोटी पर जाते हैं, लेकिन तूलिका ने सर्दी में इसे फतह किया। तूलिका ने बताया कि भारी बर्फबारी के कारण उन्हें बेस कैंप तक पहुंचने में काफी परेशानी हुई।
इससे पहले जब उन्होंने इस मौसम और नेपाल के वर्तमान हालात के बीच इस चोटी पर जाने का फैसला किया तो अधिकांश लोगों ने मना किया। सभी का यह मानना था कि नेपाल में राजनीतिक हालात भी ठीक नहीं है और सर्दी के मौसम में इस चोटी की चढ़ाई काफी मुश्किल है। तूलिका का कहना है कि उन्हें गर्व है कि उन्होंने देश के लिए यह गौरव हासिल किया।