रिलायंस अनिल धीरुभाई अंबानी ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी आखिरकार बृहस्पतिवार को टूजी स्पेक्ट्रम आवंटन केस में बतौर गवाह अदालत में पेश हुए, लेकिन कोर्ट में पूछे गए ज्यादातर सवालों का जवाब ‘याद नहीं’ में दिया। इस मामले में शुक्रवार को उनकी पत्नी टीना अंबानी की गवाही होगी।
पटियाला हाउस स्थित सीबीआई के विशेष न्यायाधीश ओपी सैनी के समक्ष पेश अनिल से सीबीआई के वकील यूयू ललित ने जिरह की।
सवालों का जवाब देते हुए अनिल ने कहा वे काफी बैठकों में शामिल होते हैं, उनमें क्या निर्णय लिया जाता है, उसके बारे में उन्हें याद नहीं रहता। साथ ही उन्होंने कहा कि उन्हें शेयर ट्रांसफर करने के बारे में कुछ याद नहीं है। ऐसे में वह बिना रिकॉर्ड देखे कुछ नहीं कह सकते।
अंबानी के रवैये को देख अदालत ने पूछा कि क्या वे मान रहे हैं कि वे मीटिंग में शामिल हुए थे।
इस पर अंबानी ने कहा, ‘सर मैं फोन करता हूं उसके बारे में भी मुझे याद नहीं रहता।’ इससे पहले अनिल ने सीबीआई को दी गवाही से मुकरते हुए कहा कि उन्हें कुछ भी याद नहीं है।
आरोप है कि अंबानी की कंपनी ने अवैध तरीके से स्पेक्ट्रम हासिल करने के लिए स्वान कंपनी बनाई व फर्जी तरीके से 990 करोड़ का निवेश किया।
अंबानी ने स्वान के बारे में भी जानकारी होने से इंकार किया। इस मामले में रिलायंस टेलीकॉम के तीन वरिष्ठ अधिकारी गौतम दोषी, सुरेंद्र पिपारा व हरि नायर अभियुक्त हैं।
‘साहब आप कुछ ज्याद भूल रहे हैं’
अनिल अंबानी की ओर से लगभग हर सवाल का जवाब ‘याद नहीं’ में दिए जाने पर विशेष सीबीआई जज ओपी सैनी ने कहा, ‘साहब आप कुछ ज्याद भूल रहे हैं। कुछ तो याद करने की कोशिश कीजिए।’
कोर्ट खुलने से पहले ही पहुंच गए थे अंबानी
अदालत का कामकाज सुबह 10 बजे शुरू होता है, लेकिन अंबानी मीडिया की नजरों से बचने के लिए सुबह 9 बजे से पहले ही अपने वकील के चैंबर में पहुंच गए थे। गवाही देने के बाद वह चुपचाप अदालत से निकल गए।