तृणमूल कांग्रेस के सदस्य डेरेक ओब्रायन ने सोमवार को संसद में देश में महिलाओं और बच्चों के साथ होने वाले दुष्कर्मों पर हो रही चर्चा में हिस्सा लेते हुए अपने साथ बचपन में हुए दुष्कर्म की दुख भरी कहानी सुनाई।
ओब्रायन ने कहा कि महिलाओं तथा बच्चों के साथ बसों में अक्सर दुष्कर्म की घटना होती हैं और कोई भी इसके विरोध में बोलता नहीं है। सभी यात्री मौन रहते है। इस मौन के कारण भी अपराधियों का मनोबल बढ़ता चला जाता है।
उन्होंने कहा कि जब मैं ग्यारह साल का था और स्कूल जाता था तो मेरे साथ भी बस में एक ऐसी ही घटना घटी थी। मेरे पीछे से किसी ने बस में दुष्कर्म करने की कोशिश की। मैं परेशान और हैरान हो गया।