समुद्री तूफान फैलिन के चलते उड़ीसा में यूं तो सरकार ने लाखों लोगों को तटीय इलाकों से निकाल लिया है लेकिन बड़ी तादाद में पर्यटक अभी भी तीर्थ नगरी जगन्नाथ पुरी में फंसे हुए हैं।
पुरी में एक स्थानीय होटल में अपनी पत्नी के साथ घूमने गए हुए पलाश हलदर ने बीबीसी को शनिवार सुबह टेलीफोन पर बताया "हम फंस गए हैं और पुरी से बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा है।"
तस्वीरों में: तबाही फैलाने आ रहा है 'फैलिन'
हलदर ने बताया कि शनिवार शाम की जिस ट्रेन से उनका पश्चिम बंगाल में घर वापसी का रिजर्वेशन था "वह ट्रेन रद्द हो गई है"।
हलदर के अनुसार स्थानीय प्रशासन ने पुरी से बाहर जाने के लिए बस की व्यवस्था की थी लेकिन मौसम की खराबी के कारण वह बस भी नहीं निकली है।
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हलदर ने कहा "बिजली नहीं है, बारिश हो रही है और टीवी केबल कुछ नहीं चल रहा है। कुछ पता नहीं लग रहा है। अब जो होगा देखा जाएगा।"
ऐसे में पुरी स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ है।
पुरी की यात्रा पर गई बिहार की प्रिया सौरभ का कहना है, "कल रात ही प्रशासन के लोगों ने हमारा होटल खाली करा दिया था। वैसे तो खाने-पीने की कोई दिक्कत नहीं थी लेकिन होटल में दूध आना बंद हो गया था जिससे चाय नहीं मिल रही थी।"
प्रिया 9 अक्टूबर को पुरी आईं थीं और वहां के हॉलीडे रिजॉर्ट में रुकी हुई थीं।
प्रशासन की ओर से होटल के यात्रियों को स्टेशन तक पहुंचाने के लिए किसी बस या ऑटो का कोई इंतजाम उन्होंने नहीं देखा। लेकिन उनका कहना था कि समुद्र के किनारे वाले क्षेत्र में प्रशासन की काफी सक्रियता थी और वे फंसे लोगों की मदद करने में जुटे हुए थे।
उनका कहना है, "सुबह रेलवे स्टेशन पर यात्रियों की भारी भीड़ दिखी, सब वहां से तुरंत निकलना चाहते थे। हम लोगों को जानकारी मिली की चार-पांच स्पेशल ट्रेन कैंसिल हो गई है। लेकिन ट्रेन में टीटी भी यात्रियों का काफी सहयोग कर रहे हैं।" प्रिया सुबह पुरी से आसनसोल के लिए शताब्दी ट्रेन पकड़ चुकी हैं।
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एक तरफ तो लोग फंसे हुए हैं दूसरी तरफ पुरी में अभी भी पर्यटकों का आना जारी है।
स्थानीय टूर ऑपरेटर जुगब्रत कर ने कहा कि "हम इस समय अपने टूरिस्ट सीज़न के पीक में हैं।"
कर ने कहा "मुझे यह देख कर आश्चर्य हो रहा है कि लोग अभी भी आ रहे हैं। मैंने शनिवार सुबह अपनी आंखों से पश्चिम बंगाल के लोगों को यहां अपनी गाड़ियों से आते देखा है।"
उड़ीसा की राजधानी भुवनेश्वर से वरिष्ठ पत्रकार संदीप साहू ने बताया कि अकेले गंजाम जिले से एक लाख से अधिक लोगों को राज्य सरकार के बचाव कैंपों में पहुंचाया गया है लेकिन कैंपो में पके हुए खाने की ठीक व्यवस्था नहीं है।
बीबीसी संवाददाता सलमान रावी ने भुवनेश्वर से खबर दी है कि अधिकारियों ने दोपहर 12 बजे से भुवनेश्वर हवाई अड्डा बंद करने की घोषणा की है और सभी उड़ानें रद्द कर दी गई हैं।
भुबनेश्वर और उसके आसपास तेज हवाएं चलना शुरू हो गई हैं और बारिश लगातार हो रही है। लोगों ने दुकानें बंद कर दी हैं और शाम तक पहुंचने वाले तूफान की आशंका में सुरक्षित स्थानों की ओर जा रहे हैं।