यूपी के पंचायत चुनाव के दौरान बूथ कैप्चरिंग करने के आरोपी दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री और पैकफेड के चेयरमैन तोताराम यादव को आखिर गिरफ्तार कर लिया गया। खास बात ये रही कि की तोताराम की गिरफ्तारी बड़ी नाटकीय रही।
पुलिस ने उन्हें उस समय गिरफ्तार किया जब वह मैनपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के साथ मंच पर मौजूद थे। पुलिस उन्हें वहीं से ही गिरफ्तार कर अपने साथ ले गई।
बता दें कि बीते पंचायत चुनाव में तोताराम यादव मैनपुरी के विकास खंड बेवर के रायपुर गांव में बूथ कैप्चरिंग कर फर्जी वोट डालते हुए कैमरे की निगाहों में धरे गए थे। वो खुद भी पंचायत चुनाव में प्रत्याशी थी। मामले को लेकर हल्ला मचा तो प्रदेश सरकार ने काफी हीलहुज्जत के बाद तोताराम सहित 17 लोगों पर केस दर्ज कर लिया था। चुनाव आयोग ने भी चूक मानते हुए उक्त बूथ पर दोबारा मतदान कराया था।
राज्यमंत्री का दर्जा प्राप्त और पैकफेड के चेयरमैन हैं यादव
वहीं मामला सत्ता पक्ष से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने इसे ठंडे बस्ते में डाल दिया था। जबकि विपक्ष इसको लेकर लगातार सपा पर निशाना साध रहा था। लेकिन अब अचानक तोताराम की नाटकीय गिरफ्तार हर किसी के लिए चौंकाने वाली खबर बन गई है।
बता दें कि पैकफेड के चेयरमैन और दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री तोताराम यादव बेवर के जिला पंचायत के वार्ड 6 से प्रत्याशी थे। बीते 13 अक्तूबर को पंचायत चुनाव के दूसरे चरण में हुई हिंसा और फर्जी मतदान को लेकर 16 अक्तूबर को एक वीडियो वायरल हुआ था।
इसमें तोताराम यादव रायपुर गांव के बूथ नंबर 128 पर मतपत्रों पर खुद ठप्पा लगाते कैमरे की नजर में कैद हो गए थे। इस दौरान वहां मौजूद मतदान कर्मी और पुलिसकर्मी मूक दर्शक बन रहे। हालांकि इस संबंध में पूछने पर तोताराम यादव ने खुद को कैमरे में कैद व्यक्ति होने से ही इंकार कर दिया था। हालांकि चुनावों में उन्हें करारी हार का मुंह देखना पड़ा था।
महिलाओं पर भी दिया था विवादित बयान
मामले में राज्य निर्वाचन आयोग ने माना कि जिला प्रशासन ने गंभीर चूक की है, जिसके बाद उक्त बूथ के चुनाव को निरस्त करते हुए दोबारा मतदान करवाया गया था। आयोग ने सभी दोषी अफसरों के खिलाफ भी कड़ी कार्रवाई की बात कही थी।
जिसके बाद डीएम चंद्रपाल सिंह के निर्देश के बाद निर्वाचन अधिकारी क्षेत्र पंचायत सदस्य बेवर/बंदोबस्त अधिकारी चकबंदी राजकुमार ने थाना बेवर में तोताराम यादव, उनके समर्थकों के अलावा बूथ 128 के पीठासीन अधिकारी शरद वर्मा, प्रधानाध्यापक प्रावि नगला जवाहर, मनोज कुमार सक्सेना प्रथम मतदान अधिकारी/वरिष्ठ सहायक सचल दल ज्वाइंट कमिश्नर व्यापार कर, सत्य प्रकाश शर्मा, मतदान अधिकारी द्वितीय समेत कुल 17 लोगों को नामजद कराया था।
हालांकि सत्ता पक्ष से मामला जुड़ा होने के कारण तोताराम के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो सकी थी। तोताराम यादव इससे पूर्व बलात्कार के एक मामले में अपने विवादित बयान के कारण भी काफी सुर्खियों में रहे थे। मैनपुरी में एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने सावर्जनिक मंच से ही कह दिया था कि महिलाओं का बलात्कार नहीं होता वो अपना बलात्कार सहमति से करवाती हैं, ऐसे में जब कोई मर्जी से ही बलात्कार करवाए तो पुलिस क्या कर सकती है।