प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छ भारत अभियान पर कई विज्ञापन बने। इनमें से एक का असर बरेली में सामने आया है। पिछले दिनों पुराने शहर की सीमा नाम की एक लड़की की शादी तय हुई ससुराल में शौचालय न होने पर दुल्हन ने निकाह से इनकार कर दिया। वर पक्ष की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी तो लोग उसकी मदद को आगे आए और दुल्हन की शर्त पूरी कर दी।
शौचालय बना और लड़की मान गई। सोमवार को सीमा ने असलम के साथ निकाह करना कबूल कर लिया। पुराना शहर का असलम जरी का काम करता है। सैलानी निवासी नसीम अहमद ने अपनी बेटी सीमा का रिश्ता असलम से तय कर दिया।
जैसे ही सीमा को पता चला कि उसकी होने वाली ससुराल में शौचालय नहीं है तो उसने शादी से इनकार कर दिया। सीमा ने साफ लब्जों में कहा कि शौचालय नहीं तो शादी नहीं। सीमा के इस रुख को देख दोनों पक्षों के लोग असमंजस में पड़ गए। असलम की आर्थिक स्थिति ऐसी नहीं थी कि वह शौचालय निर्माण तुरंत करवा ले।
पड़ोसियों उस्मान रजा खां और नईम खां ने असलम के लिए शौचालय बनवा दिया। इस्लामियां स्कूल के टीचर शहनवाज खां ने पीने के पानी के लिए उसके घर में नल लगवाया।