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मंत्री का स्वागत न करने पर छात्र को पीटा, मौके पर मौत

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पश्चिम बंगाल में एक छात्र को महज इसलिए पीट कर मार दिया गया क्योंकि उसने राज्य सरकार के मंत्री के स्वागत से इंकार कर दिया।
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मामला पश्चिमी मिदनापुर के साबांग इलाके का है। टाइम्स ऑफ इंडिया की खबर के मुताबिक तृणमूल कांग्रेस के समर्थकों पर आरोप है कि उन्होंने मंत्री के स्वागत से छात्र के इंकार पर कॉलेज में ही उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। हमलावरों ने छात्र को ऐसा पीटा की उसकी आखिर में मौत ही हो गई।

दरअसल, टीएमसी की कोशिश प्रदेश के कॉलेजों में अपना दबदबा कायम करने की है। शुक्रवार को हुई ये घटना भी उसी का हिस्सा माना जा रहा है। हालांकि अब इस मामले पर सियासत तेज हो गई है। लेफ्ट फ्रंट और कांग्रेस ने घटना के खिलाफ प्रदेशभर में प्रदर्शन का ऐलान किया है।
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(साभार फोटो: Times Of India)
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ममता बनर्जी ने तृणमूल छात्र परिषद का किया बचाव

टीएमसी सुप्रीमो और प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने घटना की निंदा की है हालांकि उन्होंने पूरे मामले में तृणमूल छात्र परिषद के सदस्यों के इसमें शामिल होने से इंकार किया है।

उन्होंने इस घटना के लिए कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद पर आरोप लगाया है। पूरे मामले पर तृणमूल सरकार के शिक्षा मंत्री पार्था चटर्जी ने कहा कि वह घटना से 'सदमे और दर्द' में हैं। हालांकि उन्होंने मारे गए छात्र कृष्णा प्रसाद को कॉलेज का बाहरी छात्र बताते हुए सवाल उठाए कि आखिर वह कॉलेज में क्या कर रहा था?

मामला शुक्रवार को दिन में 1.30 बजे का है जब तृणमूल छात्र परिषद (टीएमसीपी) के छात्र साबांग के सजनीकांत महाविद्यालय में पहुंचे। इस महाविद्यालय में कांग्रेस के छात्र संगठन छात्र परिषद का दबदबा है।

तृणमूल छात्र परिषद के छात्रों ने महाविद्यालय में 'टीएमसीपी जिंदाबाद' के नारे लगाए। इसके बाद ये छात्र यूनियन रूम के बाहर एकत्र हुए और छात्र परिषद के छात्रों से प्रदेश के मंत्री सौमेन महापात्रा के स्वागत की मांग की। जिन्होंने बाढ़ से प्रभावित साबांग इलाके का दौरा किया था।

छात्र परिषद के छात्रों ने इसका विरोध कर दिया। विरोधियों में कृष्णा प्रसाद सबसे आगे था। उसने टीएमसीपी छात्रों से सवाल किया कि आखिर हम उनका स्वागत क्यों करें जबकि आपके मंत्री ने केवल इलाके का दौरा ही किया है? इससे नाराज हॉकी और लोहे की रॉड्स जैसे हथियारों से लैस कुछ युवाओं ने कृष्णा को घेर लिया और उसे उठाकर अपने साथ ले गए। उन्होंने कृष्णा को महाविद्यालय की लाइब्रेरी के सामने ले जाकर जमकर पीटा।
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लेफ्ट और कांग्रेस ने किया आंदोलन का ऐलान

इस बीच छात्र परिषद संगठन के दो छात्र सौमेन गांगुली और सौगम सेल ने कृष्णा को बचाने की कोशिश की लेकिन नाराज युवाओं ने उसे नहीं छोड़ा। वहीं कुछ टीएमसीपी छात्रों ने यूनियन रूम को बाहर से बंद कर दिया जिससे छात्र परिषद के छात्र कृष्णा के समर्थन में नहीं आ सके और आरोपियों ने उसकी जमकर पिटाई की।

जैसे ही कृष्णा के सिर, नाक और मुंह से से खून आने लगा हमलावर मौके से फरार हो गए। इसके बाद छात्र परिषद के समर्थकों ने किसी तरह कृष्णा को अस्पताल पहुंचाने की मसक्कत शुरू की। लेकिन महाविद्यालय के शिक्षकों ने उन्हें अपनी गाड़ियां देने से इंकार कर दिया। इसके बाद कृष्णा को बाइक से किसी तरह अस्पताल ले जाया गया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

हालांकि पूरे मामले का दोष प्रदेश की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कांग्रेस पर मढ़ा है। ममता बनर्जी ने बताया कि जितना मैंने पूरे मामले को सुना है उसके मुताबिक यूनियन रूम अंदर से बंद था। वहीं महाविद्यालय के प्रिंसिपल का कार्यालय भी बाहर से बंद था। पूरा हंगामा यूनियन रूम के अंदर हुआ।

ममता के मुताबिक प्रिंसिपल के पास कोई मौका नहीं था कि वह इस हंगामे को टाल सकें और पिटाई करने हमलावरों को पकड़ सकें।
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