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निकाय चुनावों में दिखा तृणमूल कांग्रेस का दबदबा

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पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस एक बार फिर मजबूत होकर उभरी है। राज्य के तीन नगर निगमों के लिए हुए चुनावों में पार्टी को भारी जीत हासिल हुई है।
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विधाननगर, आसनसोल और बाली में तीन अक्टूबर को हुए चुनाव के नतीजे शनिवार को घोषित किए गए। इसमें विधाननगर में जहां 41 में से 37 वार्डों में तृणमूल उम्मीदवार विजयी रहे। आसनसोल में 106 में से 70 सीटें उसकी झोली में गईं और बाली के 16 वार्ड भी तृणमूल के नाम हुए।

चुनाव नतीजों के मुताबिक आसनसोल में वाम मोर्चा को 16 और भाजपा को आठ सीटें मिलीं जबकि कांग्रेस को तीन सीटों से ही संतोष करना पड़ा। कोलकाता से सटे विधाननगर नगर निगम में वाम मोर्चा और कांग्रेस को दो-दो सीटें मिली हैं।
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माकपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व वित्तमंत्री असीम दासगुप्ता भी चुनाव हार गए। दासगुप्ता ने पत्रकारों से कहा कि यह नतीजा लोगों का जनादेश नहीं बल्कि सत्तारूढ़ पार्टी की चुनावी धांधली का सबूत है।
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दोबारा हो मतदान

विपक्षी राजनीतिक दलों ने इन चुनावों के दौरान भारी हिंसा और धांधली का आरोप लगाते हुए दोबारा मतदान की मांग उठाई थी। राजनीतिक दलों के कथित दबाव में राज्य के चुनाव आयुक्त सुशांत उपाध्याय ने पहले तो वोटों की गिनती की तारीख बदली और फिर अपने पद से इस्तीफा दे दिया था।

उसके बाद सरकार ने परिवहन सचिव आलापन बनर्जी को अंतरिम आयुक्त नियुक्त किया। अंतरिम आयुक्त ने 11 मतदान केंद्रों पर शुक्रवार को पुनर्मतदान कराने का फैसला किया था, लेकिन नाराज विपक्ष ने पुनर्मतदान का बायकाट किया।

आलापन बनर्जी की नियुक्ति को कलकत्ता हाईकोर्ट में चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर एक खंडपीठ ने सरकार और चुनाव आयोग से 17 नवंबर तक हलफनामा दायर करने को कहा है। इस मामले की अगली सुनवाई 23 को होगी।

हाईकोर्ट ने कहा है कि नए अंतरिम चुनाव आयुक्त के तहत आयोग की ओर से उठाए गए तमाम कदम अदालती फैसले पर निर्भर होंगे।
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