प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार दूसरे साल प्रतिष्ठित पत्रिका ‘टाइम’ के पर्सन ऑफ द ईयर खिताब की दौड़ में शामिल हैं। उनके साथ अन्य भारतीय चेहरों में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी और भारत में जन्मे गूगल के सीईओ सुंदर पिचाई हैं। विजेता की घोषणा अगले महीने की जाएगी।
पत्रिका ने 50 लोगों की सूची जारी कर पाठकों से मतदान के लिए कहा है। अब तक मोदी को 1.3 प्रतिशत मत मिले हैं। पिचाई और रूस के राष्ट्रपति ब्लादिमीर पुतिन भी मोदी के ही बराबर खड़े हैं, जबकि महज 0.2 फीसदी वोट पाकर अंबानी फिलहाल काफी पीछे हैं।
पत्रिका ने कहा कि खिताब जीतने वाली शख्सियत वह होगी, जिसने इस साल खबरों को सबसे ज्यादा प्रभावित किया है। फिर चाहे वह गलत वजहों से हो या अच्छी वजहों से।
खबरों में रहने वाले को मिलेगा खिताब
टाइम ने मोदी को सूची में शामिल करने का कारण भी बताया है। पत्रिका में लिखा है कि भारतीय प्रधानमंत्री ने देश में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश को बढ़ावा दिया है और वह दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र को आधुनिक बनाने का प्रयास कर रहे हैं।
हालांकि रिपोर्ट में इस बात का भी जिक्र है कि दक्षिण चरमपंथ की वजह से मोदी को विवादों का सामना करना पड़ा है।मुख्य खिताब के अलावा एक अन्य मतदान भी चल रहा है, जिसमें मोदी और चीनी राष्ट्रपति जिनपिंग तथा अंबानी व नाइजीरिया के राष्ट्रपति मुहामुदू बुहारी के बीच टक्कर है।
इनके लिए भी पड़ रहे वोट
अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा, फ्रांस के राष्ट्रपति फ्रांस्वा ओलांद, चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग, आईएस नेता अबु बक्र बगदादी, अमेरिका के राष्ट्रपति पद की दौड़ में शामिल हिलेरी क्लिंटन, सीरिया शरणार्थी विवाद, अफगानिस्तान और पूर्वी तथा पश्चिमी अफ्रीका, पाकिस्तान की नोबेल विजेता मलाला यूसुफजई, एप्पल सीईओ टिम कुक और पिछले साल के विजेता पोप फ्रांसिस।