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दिल्ली छावनी में तब्दील, इंडिया गेट सील

Tue, 25 Dec 2012 12:38 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो/एजेंसी
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इंडिया गेट पर रविवार को हिंसक प्रदर्शन के बाद सोमवार को पूरी दिल्ली छावनी में तब्दील दिखी। गैंगरेप पर भड़के युवाओं के गुस्से से सहमी सरकार और पुलिस ने इंडिया गेट की तरफ जाने वाले सभी रास्तों को सील कर दिया। लेकिन नौ मेट्रो स्टेशनों को बंद करने और तमाम रास्तों पर नाकेबंदी के बावजूद प्रदर्शनकारी जंतर मंतर समेत कई जगहों पर जुटे और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
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दिल्ली पुलिस के दो एसीपी निलंबित
बहरहाल, मेट्रो स्टेशन और रास्ते बंद करने का खामियाजा आम लोगों को भुगतना पड़ा, उन्हें अपनी मंजिल तक पहुंचने में भारी दिक्कत हुई। इस बीच, गैंगरेप मामले को लेकर दिल्ली पुलिस के दो एसीपी को निलंबित कर दिया गया है, साथ ही इस जघन्य अपराध को नहीं रोक पाने के लिए दो डीसीपी से भी जवाब तलब किया गया है।

फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी सुनवाई
वहीं, पुलिस ने कहा है कि वह चलती बस में हैवानियत के इस मामले में एक सप्ताह के अंदर चार्जशीट दायर कर देगी। सरकार ने मामले की सुनवाई 3 जनवरी से फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने का फैसला किया है। केंद्रीय गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे और दिल्ली की मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की दिल्ली हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस डी मुरुगसन से मुलाकात में यह निर्णय हुआ। केंद्र सरकार ने देशभर में महिलाओं की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के लिए चार जनवरी को राज्यों के पुलिस महानिदेशकों तथा मुख्य सचिवों की दिल्ली में बैठक भी बुलाई है।
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अमेरिका यात्रा बीच में छोड़कर लौटे उप राज्यपाल
गैंगरेप की घटना पर भड़के जनाक्रोश के मद्देनजर अपनी अमेरिका यात्रा बीच में छोड़कर लौटे दिल्ली के उप राज्यपाल तेजिंदर खन्ना ने बताया कि सहायक पुलिस आयुक्त (ट्रैफिक) मोहन सिंह डबास तथा सहायक पुलिस आयुक्त (पीसीआर) यागराम को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पुलिस कमिश्नर से कहा गया है कि वह डीसीपी (ट्रैफिक) प्रेमनाथ और डीसीपी (पीसीआर) सतबीर कटारिया से जवाब तलब करें।

इंडिया गेट से जुड़ने वाली सड़कों पर नाकेबंदी
इंडिया गेट पर दो दिनों में हुए जबरदस्त प्रदर्शन के बाद पुलिस ने रविवार रात से कड़ा पहरा लगा दिया। देर रात करीब 12:00 बजे इंडिया गेट को पूरी तरह खाली कराकर बैरिकेडिंग कर दी गई। यहां तक कि सुबह मीडिया को भी हटा दिया गया। इसके बाद इंडिया गेट से जुड़ने वाली सभी सड़कों पर नाकेबंदी कर दी गई।

नजदीकी नौ मेट्रो स्टेशन भी बंद
साथ ही नजदीकी नौ मेट्रो स्टेशन भी बंद रखे गए। लेकिन कड़कड़ाती ठंड, भारी जाम और पुलिस की चौकसी के बीच जंतर-मंतर, सफदरजंग अस्पताल और प्रगति मैदान समेत राजधानी के दूसरे इलाकों में प्रदर्शन हुए। कई इलाकों में हवन और मोमबत्ती जलाकर पीड़िता के लिए दुआएं मांगी गई।

संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह
इस बीच, लोकसभा में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज ने गैंगरेप के जघन्य अपराधों में फांसी की सजा के लिए कानून में संशोधन की मांग करते हुए संसद का विशेष सत्र बुलाने का आग्रह किया है। लेकिन शिंदे ने उनकी इस मांग को यह कहते हुए ठुकरा दिया कि सरकार इस घटना के बारे में हर संभव कदम उठा रही है। संसद का शीतकालीन सत्र पिछले सप्ताह ही समाप्त हुआ है। इसलिए विशेष सत्र की जरूरत नहीं है।

हिंसा में सरकार का हाथ: केजरीवाल
अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी ने इंडिया गेट पर हो रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शनों के दौरान हुई हिंसा को सरकार की साजिश करार दिया है। पार्टी ने कहा है कि सरकार और दिल्ली पुलिस ने प्रदर्शनकारियों के बीच अपने लोगों को भेज दिया और हिंसा कराई। पार्टी ने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने हिंसा कर रहे किसी व्यक्ति को तो नहीं पकड़ा, बल्कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे लोगों को गिरफ्तार कर लिया।   

पुलिस आयुक्त पर हो कार्रवाई: बृंदा करात
देश की राजधानी दिल्ली में महिलाओं और बच्चों पर बढ़ते अपराधों पर रोक लगा पाने में नाकाम पुलिस कमिश्नर सहित आला अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। यह बात माकपा नेता बृंदा करात ने सोमवार को राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी से मुलाकात कर कही। उन्होंने संसद में लंबित महिला उत्पीड़न से संबंधित सभी बिलों को तत्काल कानून बनाए जाने की मांग की। राष्ट्रपति को दिए ज्ञापन में करात ने महिला उत्पीड़न से संबंधित सभी लंबित मामलों को तत्काल फास्ट ट्रैक अदालत को सौंपने की भी मांग की है।

उन्होंने राष्ट्रपति को बताया कि महिलाओं और बच्चों के प्रति अपराधों में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। इसे रोकने के लिए न सिर्फ सख्त कानून बनाने की जरूरत है, बल्कि कानूनी कार्रवाई तत्काल पूरी हो इसके लिए इनकी सुनवाई फास्ट ट्रैक अदालतों में होनी चाहिए। करात के साथ देश भर की विभिन्न महिला संगठनों की प्रतिनिधि भी थी।
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