छावला निवासी 19 वर्षीय युवती के अपहरण, गैंगरेप व हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए तीनों युवकों को अदालत ने मौत की सजा सुनाई है। कोर्ट ने साथ ही तीनों पर एक लाख साठ हजार रुपए जुर्माना लगाया है।
अदालत ने कहा है कि तीनों समाज के लिए खतरा हैं और ऐसे अपराधियों को जीने का अधिकार नहीं है। अदालत ने इस सजा की पुष्टि के लिए केस की फाइल को तुरंत हाईकोर्ट भेजने का निर्देश दिया है।
द्वारका अदालत स्थित फास्ट ट्रैक कोर्ट के न्यायाधीश विरेंद्र भट्ट ने अपने फैसले में तीनों दोषियों के उस तर्क को खारिज कर दिया कि उन्हें सुधरने का मौका देते हुए उनके प्रति दया बरती जाए।
अदालत ने कहा कि दोषियों ने जिस प्रकार एक मासूम व असहाय युवती के साथ दरिंदगी की उससे उनके सुधरने की आशा नहीं है। दोषियों का कृत्य जघन्यतम श्रेणी का अपराध है। तीनों दोषियों रवि कुमार (23), राहुल (27) व विनोद (23) को मृत्युदंड की सजा सुनाई जाती है।
मामले के अनुसार, नौ फरवरी 2012 को युवती अपने कार्यालय से लौट रही थी। उसी दौरान तीनों आरोपी कुतुब विहार से अगवा कर उसे रेवाड़ी, हरियाणा ले गए।
घटना के तीन दिन बाद युवती कर शव रेवाड़ी से बरामद हुआ। दोषी रवि, युवती से दोस्ती करना चाहता था, लेकिन उसके मना करने पर अपने दो साथियों के साथ इस घटना को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में 49 गवाह पेश किए थे।