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तीन बच्चों ने सुप्रीम कोर्ट में दाखिल की याचिका, उम्र 14 माह से भी कम

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छह महीने से 14 महीने के बच्चों की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल कर कहा गया है कि दिल्ली की आबोहवा ठीक नहीं है इसलिए पटाखों के इस्तेमाल पर पाबंदी लगाई जाए।
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खास तौर से इस बात का विशेष ध्यान रखने की बात कही गई है कि दशहरा और दिवाली का त्योहार जल्द आने वाला है। याचिका में अदालत से तत्काल इस मामले में दखल देने की गुहार की गई है।संभवत: ये शिशु सुप्रीम कोर्ट जाने वाले सबसे कम उम्र के याचिकाकर्ता हैं।

याचिका अर्जुन गोपाल, अरव भंडारी और जोया राव भसीन की ओर से दाखिल की गई है। ये तीन दिल्ली के निवासी हैं और उनकी उम्र छह महीने से 14 महीने के बीच है।
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छह महीने से 14 महीने के बीच के हैं तीनों शिशु

याचिका में कहा गया है कि पिछले दो सालों से दिल्ली को विश्व का सबसे प्रदूषित शहर माना गया है। प्रदूषण के कारण यहां लोगों को तरह-तरह की बीमारियां हो रही है। बड़ी संख्या में लोगों को फेफड़े से संबंधित परेशानियां हो रही हैं।

खासकर बच्चों और किशोरों के लिए तो यह जानलेवा है। याचिका में कहा गया कि वायु प्रदूषण से संबंधित बीमारियों के कारण हर वर्ष भारत में सात लाख मौत होती है।

याचिका में कहा गया है कि दिल्ली में वायु प्रदूषण की एक बड़ी वजह यह है कि आसपास केराज्यों में करीब 500 मिलियन टन अनाज के अवशेषों को जलाया जाता है।

साथ ही प्रदूषण फैलाने वाले ट्रकों की राजधानी में आवाजाही भी इसकी वजह है। इसके अलावा दशहरा और दिवाली का त्योहार करीब है। इस दौरान बड़े पैमाने पर पटाखे जलाए जाते हैं, जिससे प्रदूषण बढ़ता है। इस कारण लोगों को फेफड़े से संबंधित परेशानी होती है। याचिका पर संभवत: अगले हफ्ते सुनवाई होगी।
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