कामेडी किंग जसपाल भट्टी को अंतिम विदाई देने के लिए सेक्टर 19 स्थित उनके घर पर सारा शहर ही उमड़ पड़ा। नेता, अभिनेता, दोस्त, रिश्तेदार, यारे-प्यारे सभी की आंखों में आंसू थे। बेटा जसराज खुद इस हादसे में घायल है। कंधे में दर्द और आंखों में आंसू लिए सेक्टर-25 के श्मशान घाट में उन्होंने अपने पिता को मुखाग्नि दी और फिर फफक-फफक कर रो पड़े।
उनकी पत्नी सविता भट्टी तो सुध-बुध खोए बैठे थी। दो महिलाओं ने उनको सहारा दिया तब जाकर वह चिता तक पहुंच सकीं। पहले यहां अरदास की गई और उसके बाद मुखाग्नि दी गई। उनके अंतिम संस्कार में हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा, रवनीत बिट्टू, पंजाब के मंत्री आदेश प्रताप सिंह कैरों, एसएसपी नौनिहाल सिंह, हास्य कलाकार गुरप्रीत घुग्गी, फिल्म प्रोड्यूसर हरजीत रिक्की, कला अकादमी के पदाधिकारियों के साथ चंडीगढ़ व्यापार मंडल के पदाधिकारी और अन्य व्यापारी मौजूद रहे।
भारी भीड़ के चलते ट्रैफिक पुलिस ने यूनिवर्सिटी के पास से सेक्टर-25 की ओर जाने वाली रोड पर ट्रैफिक को डायवर्ट कर दिया। जसपाल भट्टी की अंतिम यात्रा सेक्टर-19 स्थित उनके घर से चली और शाम करीब साढ़े पांच बजे यह श्मशान गृह में पहुंची। बीएन शर्मा, गुरप्रीत घुग्गी और राणा रणवीर के आंसू थम नहीं रहे थे।
संगीत नाटक अकादमी के चेयरमैन कमल तिवाड़ी, टीवी कलाकार सतिंदर सत्ती, भगवंत मान, सुरेंद्र शर्मा, कुलदीप शर्मा और गुरदास मान भी उनको अंतिम विदाई देने के लिए पहुंचे। रॉक गार्डन के निर्माता पद्मश्री नेकचंद के साथ यहां चंडीगढ़ व्यापार मंडल के अध्यक्ष चरंजीव सिंह, दिवाकर सहूजा और केंद्रीय मंत्री पवन बंसल के पीएस वितुल कुमार और आशीष गोयल भी मौजूद रहे।