इस बार लोकसभा के अंदर का नजारा बदला-बदला होगा। 10 साल बाद भाजपा जहां सत्तापक्ष की सीटों पर विराजमान दिखेगी तो कांग्रेस विपक्ष में बैठी नजर आएगी। साथ ही कई पुराने दिग्गजों की शिकस्त के चलते सदन की पहली पंक्ति में नए दिग्गज दिखाई देंगे।
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बुधवार से शुरू हो रहे संसद सत्र में 16वीं लोकसभा के लिए नवनिर्वाचित सांसदों को शपथ दिलाने के बाद उन्हें सदन में बैठने के लिए स्थायी सीट अलॉट करने की प्रक्रिया शुरू होगी।
सदन की पहली पंक्ति की ज्यादातर सीटों पर नए चेहरे दिखेंगे। सदन के नेता व प्रधानमंत्री की सीट पर नरेंद्र मोदी होंगे। आवश्यक संख्या बल नहीं होने पर भी विपक्ष के नेता का पद कांग्रेस को मिला तो मल्लिकार्जुन खड़गे इस पद पर नजर आएंगे। सदन की पहली पंक्ति में कुल 20 सीटें हैं।
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तय होंगी सभी की सीटें
इन पर सभी दलों के वरिष्ठ नेताओं की निगाह रहती है। सदन में स्पीकर की दाहिनी तरफ सत्ता पक्ष और बाएं विपक्ष बैठता है। दाहिनी ओर प्रधानमंत्री मोदी के बाद क्रमश: गृहमंत्री राजनाथ सिंह, विदेश सुषमा स्वराज का बैठना तय है।
राज्यसभा सदस्य होने के बावजूद लोकसभा में आने पर वित्तमंत्री के तौर पर अरुण जेटली को भी पहली पंक्ति में जगह मिलेगी। वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी और डा. मुरली मनोहर जोशी भले ही मंत्रिमंडल में शामिल न हों, लेकिन भाजपा को उन्हें भी पहली पंक्ति में बैठना होगा।
शिवसेना के अनंत गीते और लोजपा के रामविलास पासवान को भी पहली पंक्ति में जगह मिल सकती है। इसके अलावा पूर्व प्रधानमंत्री होने के नाते एचडी देवगौड़ा पहली पंक्ति में दिखेंगे।
नए चेहरों की होगी काफी तादात
स्पीकर के बाएं ओर की पहली सीट डिप्टी स्पीकर व दूसरी सीट विपक्ष के नेता के लिए आरक्षित हैं। कांग्रेस को प्रमुख विपक्षी दल का दर्जा मिलने पर दूसरी सीट पर खड़गे और तीसरी सीट पर यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी दिखेंगी। इस ब्लॉक की सभी सीटें कांग्रेस को मिलना तय है।
इसलिए कांग्रेस के अन्य वरिष्ठ सांसदों भी पहली पंक्ति में बैठने का मौका मिलेगा। मात्र पांच सीटों पर सिमटी सपा के प्रमुख मुलायम सिंह यादव को संख्या के हिसाब से पहली पंक्ति में सीट नहीं मिल पाएगी।
मगर लोकसभा स्पीकर अपने विशेषाधिकार के तहत पहली पंक्ति में उन्हें सीट दे सकते हैं। पिछली बार कांग्रेस ने मात्र चार सीटों पर सिमटे राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव को पहली पंक्ति में सीट दी थी। अन्नाद्रमुक, तृणमूल कांग्रेस और बीजू जनतादल के संसदीय दल के नेताओं को भी पहली पंक्ति में सीट मिलेगी।
ये दिग्गज नजर नहीं आएंगे
15वीं लोकसभा में पहली पंक्ति में बैठने वाले शरद यादव, बासुदेव आचार्य, लालू प्रसाद यादव, शरद पवार, टीआर बालू से लेकर बसपा के दारा सिंह चौहान सदन में नजर नहीं आएंगे।
साथ ही पी. चिदंबरम, डा. रघुवंश प्रसाद सिंह, फारूक अब्दुल्ला, सुशील कुमार शिंदे, यशवंत सिन्हा, जसवंत सिंह, कल्याण सिंह जैसे नेता भी सदन में नहीं होंगे।
लोकसभा के दो मनोनीत व 543 चुने सदस्यों वाले सदन के छह ब्लॉकों में 550 सीटें हैं। स्पीकर की दाहिनी तरफ सत्ता पक्ष व बांयी तरफ विपक्ष बैठता है। दाहिनी तरफ पहली सीट प्रधानमंत्री व बांयी तरफ की पहली सीट उपाध्यक्ष व दूसरी सीट विपक्ष के नेता के लिए तय हैं।
लोकसभा सचिवालय बाकी सीटों को पार्टियों को उनके सदस्यों की संख्या के हिसाब से बांटता है। फिर पार्टियां तय करती हैं कि किस सांसद को कहां बैठाना है। मौजूदा मानदंडों के तहत लोकसभा में पांच से ज्यादा सांसदों वाली पार्टियों को ही मान्यता मिलती है।
इसी के तहत उन्हें सदन में बैठने को सीटें तथा संसद भवन परिसर में कार्यालय के लिए कमरा अलॉट होता है।