संसद के बजट सत्र से ठीक पहले राहुल गांधी के अचानक छुट्टी पर जाने की नौबत सिर्फ एक दिन में नहीं आई है। कांग्रेस उपाध्यक्ष के कई फैसलों को लंबे समय से पलटा जा रहा था। पार्टी में सोनिया की करीबी एक ताकतवर बुजुर्ग लॉबी राहुल के फैसलों को अपने प्रभाव का इस्तेमाल कर लगातार उलट रही थी।
चर्चा है कि इसी कारण राहुल ने छुट्टी पर जाने का रास्ता अपनाया। गुजरात और महाराष्ट्र में प्रदेश अध्यक्षों को बदलने, उत्तर प्रदेश की जंबो कार्यकारिणी को कम करने और कांग्रेस कार्यसमिति में सदस्यों का चुनाव करवाने जैसे कई मामलों में राहुल की राय को दरकिनार कर दिया गया। कई मामलों में तो राहुल फैसला ले चुके थे मगर सोनिया से कह कर इन फैसलों को बदला गया।
गुजरात और महाराष्ट्र में राहुल किसी दूसरे चेहरों को प्रदेश अध्यक्ष चाहते थे। महाराष्ट्र में राहुल राष्ट्रीय युवा कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष और लोकसभा सांसद राजीव सातव को यह जिम्मेदारी देना चाहते थे लेकिन उनकी राय दरकिनार कर दी गई। हारे हुए प्रदेश अध्यक्षों को ही जारी रखा गया।
अहम फैसलों में हावी थी बुजुर्ग लॉबी
गुजरात में अर्जुन मोरवाड़िया और महाराष्ट्र में माणिक राव ठाकरे प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष हैं। वहीं पार्टी में चर्चा है कि उत्तर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष निर्मल खत्री ने जब 402 सदस्यों की कार्यकारिणी की मंजूरी के लिए हाईकमान के पास भेजी तो राहुल ने इसे कम करने की सलाह देते हुए लौटा दिया।
मगर बाद में इस कार्यकारिणी को सोनिया से मंजूर करवा लिया गया। सोनिया की करीबी बुजुर्ग वफादारों की लॉबी की नींद तब उड़ी जब राहुल ने कांग्रेस कार्यसमिति का गठन मनोनयन के बजाय चुनाव से करने के विचार को लागू करने पर जोर दिया।
राहुल अपने इस विचार को मूर्त रूप देने के लिए दृढ़ थे। मगर ऐसा होने नहीं दिया गया। कांग्रेस कार्यसमिति में कई बुजुर्ग नेता शामिल हैं। राहुल के करीबी नेताओं का मानना है कि बुजुर्ग लॉबी को झटका देने के लिए राहुल ने छुट्टी पर जाने का फैसला लिया है।
दिग्विजय ने भी उठा दी छुट्टी लेने पर उंगली
कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने राहुल की नाराजगी पर कुछ भी बोलने से इनकार कर दिया है। मगर उन्होंने राहुल के नाराज होने की बात को नकारा नहीं है। वहीं पार्टी महासचिव दिग्विजय सिंह ने राहुल के छुट्टी लेने के समय पर सवाल उठाया है। उन्होंने कहा कि संसद के बजट सत्र से ठीक पहले छुट्टी देने का यह सही समय नहीं है।
पूर्व केंद्रीय मंत्री केवी थॉमस ने भी छुट्टी के समय को लेकर ऐतराज जताया है। कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मीडिया से अनुरोध किया है कि वह राहुल की छुट्टी को लेकर चल रही अटकलों पर ध्यान न दें।
स्थिति पहले ही स्पष्ट कर दी गई है कि राहुल दो हफ्ते की छुट्टी पर गए हैं। अब इस पर राजनीति करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं।