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महिला ने तोड़ी 400 साल पुरानी परंपरा, मचा बवाल

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महाराष्ट्र के शनि शिंगणापुर में स्थित शनि महाराज के मंदिर में तब बवाल मच गया, जब एक महिला ने मंदिर की सैकड़ों साल पुरानी परंपरा को तोड़ दिया।
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अहमदनगर जिले में स्थित इस मंदिर में महिलाओं का प्रवेश वर्जित है, लेकिन एक महिला ने शनि महाराज की मूर्ति को तेल चढ़ाकर बवाल खड़ा कर दिया है। मामले के सामने आने के बाद मंदिर का शुद्धिकरण करवाया गया है।

मंदिर में महिला के प्रवेश से ग्रामीणों में रोष है। मंदिर के सात सुरक्षाकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। दूसरी तरफ, कई संस्थाओं और लोगों ने उस अनजान महिला को इस परंपरा को तोड़ने के लिए सम्मानित करने की भी बात कही है।
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शिंगणापुर में महिला ने की शनि देव की पूजा

घटना शनिवार की है। एक महिला सुरक्षा बैरिकेड को तोड़ते हुए मंदिर के चबूतरे पर पहुंच गई। उसने करीब 400 साल पुरानी परंपरा को तोड़ते हुए यहां स्थापित शनि महाराज की मूर्ति की पूजा की और तेल भी चढ़ाया। सुरक्षाकर्मी जब तक कुछ समझ पाते, तब तक वह महिला भीड़ में गायब हो चुकी थी।

सीसीटीवी फुटेज के जरिए घटना का पता चला। इसके बाद रविवार को शनि महाराज की मूर्ति का दूध से अभिषेक किया गया। ग्रामीणों ने रविवार सुबह बंद का ऐलान किया। हालांकि ऐसे भी कई लोग हैं जो उस अनजान महिला के समर्थन में आ गए हैं। सोलापुर से कांग्रेस की विधायक प्रणीति शिंदे ने महिला के इस कदम को साहसिक करार दिया है।

उन्होंने कहा कि वह विधान सभा के शीत सत्र में इस मुद्दे को उठाएंगी। वहीं, महाराष्ट्र अंध श्रद्धा निर्मूलन समिति की रंजना गवांडे ने इस घटना को क्रांतिकारी करार दिया है और उन्होंने चबूतरे को महिलाओं के लिए भी खुला रखने की पैरवी की है।

चार सौ साल पुरानी परंपरा टूटी
यहां के पंडित व विद्वानों के मुताबिक महिला ने मंदिर की करीब चार सौ साल पुरानी परंपरा तोड़ी है। घटना के बाद विधि-विधान से मंदिर का शुद्धिकरण किया गया।

यहां घरों में दरवाजे नहीं
शिंगणापुर का यह मंदिर शनिदेव के मंदिरों में सबसे प्रमुख है। यहां पर शनि भगवान की प्रतिमा बगैर किसी छत्र या गुंबद के खुले आसमान के नीचे बनी है। काले रंग की यह प्रतिमा करीब 5 फुट और 9 इंच लंबी है। यहां के लोगों की शनि में आस्था का ही नतीजा है कि यहां के घरों में दरवाजे नहीं होते।
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