उग्र हिंदुत्व की पहचान वाले विश्व हिंदू परिषद (विहिप) पर भी बदलते वक्त का असर हो रहा है। संघ की तरह विहिप भी अपनी छवि बदलने में जुट गया है।
अपने बारे में फैली भ्रांतियों को दूर करने के लिए संघ की तर्ज पर विहिप ने भी पुस्तक का सहारा लिया है। अब छवि बदलने के प्रयास में ‘विश्व हिंदू परिषद : एक परिचय’ के जरिए अपने उद्देश्यों और कामकाज से लोगों को रूबरू कराएगा।
विहिप की यह पुस्तक ऐसे समय में आई जब धर्मांतरण और लव जिहाद सरीखे मुद्दों को लेकर उस पर उग्र होने के आरोप लग रहे हैं।
अंग्रेजी और हिंदी दोनो ही भाषाओं में छपी इस पुस्तक में विहिप ने अपनी स्थापना के उद्देश्यों को 40 सूत्रीय हिंदू पाथेय के जरिये सामने रखा है। इसके अलावा पूर्व में हुए ऐतिहासिक कार्यक्रमों और प्राकृतिक आपदाओं में परिषद की भूमिकाओं का विस्तार से वर्णन किया गया है।