प्राचीन भारत में अपनी पढ़ाई के लिए दुनिया भर में मशहूर नालंदा विश्वविद्यालय अब एक नए अवतार में सामने आ चुका है। शुक्रवार को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने नए रूप में अवतरित हुए इस विश्वविद्यालय का उद्घाटन किया।
विश्वविद्यालय का उद्घाटन करते हुए स्वराज ने कहा कि पहले की तरह ही यह विश्वविद्यालय देश को ज्ञान के जरिये दुनिया से जोड़ने में पुल और बुनियाद की तरह काम करेगा। यह कहना गलत होगा कि हम नालंदा यूनिवर्सिटी को पुनर्जीवित कर रहे हैं क्योंकि परंपराएं कभी नहीं मरतीं। नालंदा यूनिवर्सिटी नहीं परंपरा है।
केंद्र सरकार ने नालंदा यूनिवर्सिटी को 2,727 करोड़ रुपये दिए थे। इस रकम से दस साल के अंदर नालंदा यूनिवर्सिटी का विश्वस्तरीय कैंपस बनेगा। राजगीर में नालंदा यूनिवर्सिटी मूल विश्वविद्यालय से 12 किलोमीटर दूर बनाई गई है। इस स्थान पर आज भी इस विश्वविद्यालय के अवशेष हैं। राजगीर पटना से 100 किलोमीटर दूर है।