फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

नक्सलियों को लेकर चीन की बड़ी साजिश का खुलासा

विज्ञापन
विज्ञापन
नक्सलवादी आंदोलन के चरम दौर में चीन ने नक्सलियों के लिए नेपाल और भूटान से होकर भारत तक एक गलियारा बनाने की योजना बनाई थी। एक दौर के शीर्ष नक्सली नेता कानु सान्याल के जीवन पर लिखी किताब में इसका खुलासा हुआ है।
विज्ञापन


स्टेट्समैन कोलकाता के वरिष्ठ पत्रकार बाप्पादित्य पाल की ओर से सान्याल की जिंदगी पर लिखी किताब ‘द फर्स्ट नक्सल’ में कहा गया है कि चीन ने नेपाल और भूटान से होकर भारत तक गलियारा बनाने की पूरी योजना तैयार कर ली थी लेकिन यह पूरी नहीं हो पाई क्योंकि चीन से लौटने के कुछ दिन बाद ही सान्याल और उनके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया गया था।

कानु सान्याल पर लिखी 264 पेज की इस किताब का शुक्रवार को पश्चिम बंगाल मानवाधिकार आयोग के पूर्व चेयरमैन अशोक कुमार गांगुली और मानवाधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन ने विमोचन किया।
विज्ञापन
विज्ञापन

'लोगों से ज्यादा हथियारों पर भरोसा करते हैं माओवादी'

इस किताब के मुताबिक सान्याल का मानना था कि माओवादियों ने आतंकवाद को अपना लिया है इसलिए वे उन्हें कभी भी प्रभावित नहीं कर सके। उनका कहना था कि माओवादी लोगों से ज्यादा हथियार पर विश्वास कर रहे हैं इसलिए जनता से अलग-थलग पड़ते जा रहे हैं।

किताब के मुताबिक सान्याल ने कहा था कि ममता बनर्जी की वजह से ही सिंगुर के किसान कभी अपनी जमीन वापस नहीं पा सकेंगे। नागरिक अधिकार कार्यकर्ता विनायक सेन ने कहा कि नक्सलबाड़ी आंदोलन के दशकों बाद भी भूख उत्तरी बंगाल को परेशान कर रही है। अब भी यहां लोग कुपोषण से मर रहे हैं।

सेन ने इस सिलसिले में उत्तरी बंगाल के बंद और छोड़ दिए गए चाय बागानों का उदाहरण दिया। उन्होंने मानवाधिकार कार्यकर्ताओं के साथ इनका दौरा किया था और वहां काम करने वाले लोगों की स्थिति बेहद खराब पाई थी।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें